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सरकार की आमद...मरहबा
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 25 Dec 2015 02:28 AM IST
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पैगंबर-ए-इस्लाम की पैदाइश यानी ईद मिलादुन्नबी पर गुरुवार को काशी नबी के नारों से गूंज उठी। सुबह-सुबह लकदक कुर्ता पायजामा पहने, सिर पर रंग बिरंगा साफा बांधे बड़े बुजुर्ग और बच्चे हाथों में झंडियां लहराते हुए नबी के आने का पैगाम दे रहे थे तो लबों पर ...सरकार की आमद मरहबा, ...दिलदार की आमद मरहबा जैसे रसूले पाक के नजरानों से शहर की फिजा में नूरानी रंग भर गया।
सुन्नी जमीअत-उल-उलेमा बनारस की ओर से ईद मिलादुन्नबी पर गुरुवार को रेवड़ी तालाब मैदान से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकला गया। जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, लोग इसमें शामिल होते गए और करीब ढाई घंटे बाद जब बेनियाबाग पहुंचा तब तक इसमें हजारों की शिरकत हो चुकी थी। हरी, नीली और लाल झंडियों के साथ तिरंगा लेकर इस जुलूस में शामिल हर शख्स नबी की पैदाइश की मुबारकबाद दे रहा था।
हरे, लाल, नीले, गुलाबी, सुनहरे और सफेद रंग की पगड़ी और टोपी लगाए इस जुलूस में शामिल लोगों के चेहरे की रौनक जुलूस की शान और बढ़ा रही थी। काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन की अगुवाई में निकले इस जुलूस में शहर की तमाम अंजुमनें नबी की शान में कलाम पेश करते चल रही थीं। जुलूस रेवड़ी तालाब से निकलकर भेलूपुर, गौरीगंज, रविंद्रपुरी, शिवाला, सोनारपुरा, मदनपुरा होते हुए गोदौलिया पहुंचा।
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मदनपुरा में छतों से जुलूस पर गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश भी की गई। यहां से लोग बांसफाटक, चौक, नीचीबाग, मैदागिन, कबीरचौरा, पियरी होते हुए बेनियाबाग पहुंचे। बेनियाबाग मैदान में दुआख्वानी के बाद लोग रेवड़ी तालाब मैदान पहुंचे। यहां पर काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन ने मुल्क की तरक्की, अमन और मिल्लत की दुआ की। जुलूस के दौरान प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था भी चुस्त दुरुस्त रही।
ये संस्थाएं रहीं शामिल
अंजुमन इब्लागे हक, अंजुमन आल इंडिया तबलीगे सीरत, अंजुमन कारवाने रजा, इस्लामिक फाउंडेशन, इस्लामिक हैंड, रजा इस्लामिक मिशन, दावत-ए-इस्लामी, रजा फाउंडेशन, रजा एकेडमी, अंजुमन अंदलीबे रजा, अंजुमन गुलशने हस्सान, जमात रजा-ए-मुस्तफा, अंजुमन तहफ्फुजे ईमान, अंजुमन महफूजिया, अंजुमन हनफी रजवी सोसाइटी, अंजुमन खाकसाराने हक।
इनकी रही शिरकत
मौलाना मोहम्मद आलम, मुफ्ती मोहम्मद मोहियुद्दीन, मुफ्ती महमूद आलम, मुफ्ती अहसन कमाल, मौलाना जमील अहमद, सादिक अख्तर, कलीम अशरफ, अख्तर रजा, आरिफ अजहरी, शकील अहमद, अब्दुल रकीब, बख्शुल्लाह, मुजफ्फर हुसैन, कमाल, वासिफुल कादरी, अरशद रजा, तारिक अंजुम, राशिद जमाल, अमजद खान, शाहिद जमाल, अबू शहमा, याकूब, फजले हक, तैसीरुद्दीन, हबीब अशरफ, शफीक अजमल आदि।
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सुन्नी जमीअत-उल-उलेमा बनारस की ओर से ईद मिलादुन्नबी पर गुरुवार को रेवड़ी तालाब मैदान से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकला गया। जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, लोग इसमें शामिल होते गए और करीब ढाई घंटे बाद जब बेनियाबाग पहुंचा तब तक इसमें हजारों की शिरकत हो चुकी थी। हरी, नीली और लाल झंडियों के साथ तिरंगा लेकर इस जुलूस में शामिल हर शख्स नबी की पैदाइश की मुबारकबाद दे रहा था।
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हरे, लाल, नीले, गुलाबी, सुनहरे और सफेद रंग की पगड़ी और टोपी लगाए इस जुलूस में शामिल लोगों के चेहरे की रौनक जुलूस की शान और बढ़ा रही थी। काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन की अगुवाई में निकले इस जुलूस में शहर की तमाम अंजुमनें नबी की शान में कलाम पेश करते चल रही थीं। जुलूस रेवड़ी तालाब से निकलकर भेलूपुर, गौरीगंज, रविंद्रपुरी, शिवाला, सोनारपुरा, मदनपुरा होते हुए गोदौलिया पहुंचा।
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मदनपुरा में छतों से जुलूस पर गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश भी की गई। यहां से लोग बांसफाटक, चौक, नीचीबाग, मैदागिन, कबीरचौरा, पियरी होते हुए बेनियाबाग पहुंचे। बेनियाबाग मैदान में दुआख्वानी के बाद लोग रेवड़ी तालाब मैदान पहुंचे। यहां पर काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन ने मुल्क की तरक्की, अमन और मिल्लत की दुआ की। जुलूस के दौरान प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था भी चुस्त दुरुस्त रही।
ये संस्थाएं रहीं शामिल
अंजुमन इब्लागे हक, अंजुमन आल इंडिया तबलीगे सीरत, अंजुमन कारवाने रजा, इस्लामिक फाउंडेशन, इस्लामिक हैंड, रजा इस्लामिक मिशन, दावत-ए-इस्लामी, रजा फाउंडेशन, रजा एकेडमी, अंजुमन अंदलीबे रजा, अंजुमन गुलशने हस्सान, जमात रजा-ए-मुस्तफा, अंजुमन तहफ्फुजे ईमान, अंजुमन महफूजिया, अंजुमन हनफी रजवी सोसाइटी, अंजुमन खाकसाराने हक।
इनकी रही शिरकत
मौलाना मोहम्मद आलम, मुफ्ती मोहम्मद मोहियुद्दीन, मुफ्ती महमूद आलम, मुफ्ती अहसन कमाल, मौलाना जमील अहमद, सादिक अख्तर, कलीम अशरफ, अख्तर रजा, आरिफ अजहरी, शकील अहमद, अब्दुल रकीब, बख्शुल्लाह, मुजफ्फर हुसैन, कमाल, वासिफुल कादरी, अरशद रजा, तारिक अंजुम, राशिद जमाल, अमजद खान, शाहिद जमाल, अबू शहमा, याकूब, फजले हक, तैसीरुद्दीन, हबीब अशरफ, शफीक अजमल आदि।