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Varanasi News: थार के रेगिस्तान से भी ज्यादा तप रहा गंगा का मैदान, जैसलमेर से 3.5 डिग्री गर्म काशी
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तेज धूप के कारण गंगा उपपार रेत पर पसरा सन्नाटा । अमर उजाला
- फोटो : मुठभेड़ के बाद गोली लगने से घायल आरोपी को सीएचसी ले जाते कोतवाल राज प्रकाश।
हिमांशु अस्थाना
वाराणसी। गंगा का मैदान थार के रेगिस्तान से भी ज्यादा तप रहा है। प्रयाग और काशी का तापमान मरुस्थल वाले शहर जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और जोधपुर से भी 3 से 4 डिग्री तक ज्यादा है। जैसलमेर के मुकाबले काशी का पारा 3.5 डिग्री ऊपर है। बुधवार को प्रयागराज का तापमान 43.7 डिग्री और वाराणसी शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि उसी दिन बीकानेर में 41.5 डिग्री, जैसलमेर में 39.5 डिग्री, बाड़मेर में 40 डिग्री और जोधपुर में 39.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
वहीं काशी में लू की गति 26 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि जैसलमेर और जोधपुर में महज करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। हैरानी की बात इसलिए है क्योंकि दिन में रेत, मिट्टी के मुकाबले ज्यादा तेजी से गर्म होती है। रेत सूखी होती है, जबकि मैदानी मिट्टी में नमी होने के कारण सूर्य का ताप अपेक्षाकृत धीमे-धीमे अवशोषित होता है। यह स्थिति बीते चार-पांच दिनों से देखी जा रही है। बुधवार को वाराणसी देश का 12वां और प्रयागराज चौथा सबसे गर्म शहर रहा।
मौसम की इस उलट स्थिति को लेकर बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कभी-कभी ऐसी मौसमी परिस्थितियां बन जाती हैं। अप्रैल से लेकर जून तक राजस्थान के मरुस्थल देश के सबसे गर्म इलाके होते हैं, लेकिन इस बार पूर्वी यूपी में ऐसा देखने को मिल रहा है। प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बॉर्डर पर बारिश हो रही है। वहां पश्चिमी विक्षोभ का असर है, जिसका प्रभाव राजस्थान के इन रेतीले जिलों में भी देखने को मिल रहा है, जबकि बनारस में इसका प्रभाव नहीं है। हालांकि जब क्षेत्र पुरवा की चपेट में आएगा, तब वैसी स्थिति यहां भी दिखाई दे सकती है। जैसे ही उन इलाकों में बारिश बंद होगी, वैसे ही तापमान फिर से तेजी से बढ़ेगा।
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काशी का न्यूनतम तापमान भी जैसलमेर से 1 डिग्री ऊपर
बुधवार को वाराणसी का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जैसलमेर से करीब एक डिग्री अधिक रहा। काशी की हवा में नमी 15 से 30 फीसदी के बीच दर्ज की गई, जबकि जैसलमेर में यह 13 से 49 फीसदी तक रही, जिसमें ज्यादातर समय अधिक नमी रही। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार वाराणसी में 23 से 26 अप्रैल तक लू का येलो अलर्ट है। वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक जैसलमेर में 25 और 26 अप्रैल को लू चलने का पूर्वानुमान है।
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वाराणसी। गंगा का मैदान थार के रेगिस्तान से भी ज्यादा तप रहा है। प्रयाग और काशी का तापमान मरुस्थल वाले शहर जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और जोधपुर से भी 3 से 4 डिग्री तक ज्यादा है। जैसलमेर के मुकाबले काशी का पारा 3.5 डिग्री ऊपर है। बुधवार को प्रयागराज का तापमान 43.7 डिग्री और वाराणसी शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि उसी दिन बीकानेर में 41.5 डिग्री, जैसलमेर में 39.5 डिग्री, बाड़मेर में 40 डिग्री और जोधपुर में 39.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
वहीं काशी में लू की गति 26 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि जैसलमेर और जोधपुर में महज करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। हैरानी की बात इसलिए है क्योंकि दिन में रेत, मिट्टी के मुकाबले ज्यादा तेजी से गर्म होती है। रेत सूखी होती है, जबकि मैदानी मिट्टी में नमी होने के कारण सूर्य का ताप अपेक्षाकृत धीमे-धीमे अवशोषित होता है। यह स्थिति बीते चार-पांच दिनों से देखी जा रही है। बुधवार को वाराणसी देश का 12वां और प्रयागराज चौथा सबसे गर्म शहर रहा।
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मौसम की इस उलट स्थिति को लेकर बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कभी-कभी ऐसी मौसमी परिस्थितियां बन जाती हैं। अप्रैल से लेकर जून तक राजस्थान के मरुस्थल देश के सबसे गर्म इलाके होते हैं, लेकिन इस बार पूर्वी यूपी में ऐसा देखने को मिल रहा है। प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बॉर्डर पर बारिश हो रही है। वहां पश्चिमी विक्षोभ का असर है, जिसका प्रभाव राजस्थान के इन रेतीले जिलों में भी देखने को मिल रहा है, जबकि बनारस में इसका प्रभाव नहीं है। हालांकि जब क्षेत्र पुरवा की चपेट में आएगा, तब वैसी स्थिति यहां भी दिखाई दे सकती है। जैसे ही उन इलाकों में बारिश बंद होगी, वैसे ही तापमान फिर से तेजी से बढ़ेगा।
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काशी का न्यूनतम तापमान भी जैसलमेर से 1 डिग्री ऊपर
बुधवार को वाराणसी का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जैसलमेर से करीब एक डिग्री अधिक रहा। काशी की हवा में नमी 15 से 30 फीसदी के बीच दर्ज की गई, जबकि जैसलमेर में यह 13 से 49 फीसदी तक रही, जिसमें ज्यादातर समय अधिक नमी रही। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार वाराणसी में 23 से 26 अप्रैल तक लू का येलो अलर्ट है। वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक जैसलमेर में 25 और 26 अप्रैल को लू चलने का पूर्वानुमान है।