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वाराणसी: महाआरती के बाद एक वर्ष के लिए बंद हुए स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के कपाट
Sat, 06 Nov 2021 06:43 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sat, 06 Nov 2021 06:43 PM IST
सार
वाराणसी में अन्नकूट पूजन अौर महाआरती के बाद स्वर्णमयी अन्नपूर्णा मंदिर के कपाट एक साल के लिए बंद हो गए। माता को 56 प्रकार के मिष्ठान-पकवान का 501 क्विंटल का भोग अर्पित किया गया।
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स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी में स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के कपाट अन्नकूट पूजन अौर महाआरती के बाद एक वर्ष के लिए बंद हो गए। अब अगले साल फिर धनतेरस पर माता अपने भक्तों को स्वर्णमयी स्वरूप का दर्शन देकर अन्न-धन का खजाना लुटाएंगी। माता को 56 प्रकार के मिष्ठान-पकवान का 501 क्विंटल का भोग अर्पित किया गया।
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शुक्रवार की मध्य रात्रि में महंत शंकर पुरी ने भगवती स्वर्णमयी अन्नपूर्णा की आरती उतारी। महंत ने माता से प्रार्थना करते हुए कहा कि इस वर्ष जो महामारी आई वह अब दोबारा न आए। कपाट बंद होने के दौरान पूरा मंदिर प्रांगण अन्नपूर्णेश्वरी के जयकारे से गूंजता रहा। इसके साथ ही चार दिवसीय स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन-पूजन का सिलसिला थम गया।
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अन्नपूर्णा दरबार में मां अन्नपूर्णेश्वरी को भोग लगाने के बाद प्रसाद भक्तों के बीच वितरित किया गया। वहीं, इस दौरान अन्नकूट की झांकी सजाई गई तो दूसरी ओर दर्शन करने के लिए आस्थावानों की कतार दूर तक लगी रही। अन्नपूर्णा मंदिर के गर्भगृह में लड्डुओं से मंदिर भी बनाया गया।
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अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बताया कि मध्याह्न भोग आरती के बाद अन्नकूट भोग का प्रसाद तीन हजार भक्तों ने ग्रहण किया। इस मौके पर आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा के भक्त एस राजू, राकेश तोमर समेत मंदिर परिवार के सदस्य मौजूद रहे।