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कोरोना का खतरा बढ़ा, जांच की रफ्तार घटी

Mon, 17 Jan 2022 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jan 2022 12:42 AM IST
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The danger of corona increased, the speed of investigation decreased
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खास खबर
कोरोना का खतरा बढ़ा, जांच की रफ्तार घटी
छह दिन पहले होती थी सात हजार जांच, अब पांच हजार के नीचे आया ग्राफ
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। जिले में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के उद्दश्ेय से ही शासन, प्रशासन की ओर से अधिक से अधिक लोगों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन बढ़ते खतरे के बाद भी जिले में कोरोना जांच की रफ्तार घटने लगी है। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग की ओर से उदासीनता और जांच के प्रति लोगों को जागरूक न होना मुख्य वजह मानी जा रही है।
एक दिसंबर से शुरू तीसरी लहर में अब तक मिले कुल 5194 मरीजों में केवल पांच से 16 जनवरी तक ही 4789 मरीज मिल चुके हैं। इसके बाद भी जांच की रफ्तार कम होती जा रही है। छह दिन पहले हर दिन अस्पताल, एयरपोर्ट, कैंट रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित अन्य जगहों को मिलाकर सात हजार जांचें होती थीं लेकिन अब यह संख्या पांच हजार के नीचे तक आ गई है।
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जांच के लिए बने हैं 14 स्टेटिक बूथ
शहरी क्षेत्र
स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर
शास्त्री अस्पताल रामनगर
शहरी सीएचसी शिवपुर
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
ईएसआईसी हॉस्पिटल
बीएचयू अस्पताल
ग्रामीण क्षेत्र
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काशी विद्यापीठ
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेवापुरी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरहुआ
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आराजीलाइन
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छह दिन में ऐसे धीमी हुई जांच की रफ्तार
तारीख जांच मरीज मिले संक्रमण दर
16 जनवरी 4866 606 10.42
15 जनवरी 5995 520 10.20 प्रतिशत
14 जनवरी 6038 666 10.67 प्रतिशत
13 जनवरी 6150 515 9.27 प्रतिशत
12 जनवरी 6669 490 8.46 प्रतिशत
11 जनवरी 7018 440 6.20 प्रतिशत
रेलवे स्टेशन पर जांच से कतरा रहे हैं यात्री
कैंट रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों के जांच की व्यवस्था है। यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर दिन टीम आती हैं। आए दिन जांच कराने को लेकर किचकिच होता रहता है। जांच करने बैठे कर्मी द्वारा बुलाने पर यात्री खुद को कोरोना टीकाकरण कराने का हवाला देते हुए मना कर देते हैं। कैंट रेलवे स्टेशन पर रोजाना डेढ़ से दो लाख यात्रियों का आवागमन होता है। लेकिन बिना जांच कराए यात्री ट्रेन से उतरते ही परिसर से बाहर शहर की ओर निकल रहे हैं। इसमें मुंबई और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों से आए यात्री भी शामिल हैं। सुबह आठ बजे से दोपहर दो तक एक शिफ्ट और दो से 10 बजे रात तक दूसरे शिफ्ट में जांच होती है। जबकि देर रात और भोर में स्टेशन पर पहुंचने वाली ट्रेनों के यात्रियों का जांच नहीं होता।
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अब संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वालों की जांच नहीं की जा रही है। कोरोना जांच कम नहीं हुई है। कोरोना जैसे लक्षण आने पर लोगों से खुद भी स्टेटिक बूथ पर पहुंचकर जांच कराने की अपील की जा रही है। कैंट स्टेशन पर जांच में तेजी लाने और ऐहतियात बरतने के निर्देशित किया जाएगा।-डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
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