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बच्चा प्रतिदिन कुछ न कुछ सीख कर ही घर जाए : डीएम
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बलिया। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने सोमवार को बापू भवन, टाउन हाॅल में आयोजित हमारा आंगन-हमारे बच्चे उत्सव समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बच्चा प्रतिदिन कुछ न कुछ नया सीख कर ही घर जाए।
इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विद्यालयों के 36 निपुण बच्चों को प्रमाण-पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने निपुण भारत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नोडल शिक्षक संकुल, नोडल शिक्षक, तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी प्रमाण-पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हमारा आंगन-हमारे बच्चे योजना अंतर्गत आंगनबाड़ी आने वाले बच्चों को बुनियादी शिक्षा भी प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई है।
आंगनबाड़ी से बच्चा कुछ सीख करके ही प्राथमिक विद्यालय की कक्षा एक में प्रवेश करे, इस उद्देश्य से ही यह योजना संचालित की गई है। वर्तमान में आंगनबाड़ी एवं प्राथमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं पहले से बहुत अच्छी हैं। परिसर साफ-सुथरा एवं रंग-बिरंगा है। पढ़ने का बहुत ही अच्छा माहौल बना है। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों से कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चा प्रतिदिन कुछ न कुछ सीख करके ही घर जाए।
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यूट्यूब पर बहुत ही लर्निंग वीडियो है, इन वीडियो को भी बच्चों की पढ़ाई के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह जरूरी है कि बच्चा प्रतिदिन स्कूल आए। बीएसए मनीष सिंह ने कहा कि बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों में नियमित रूप से भेजें। प्राचार्य डायट शिवम आदि थे। हे।
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इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विद्यालयों के 36 निपुण बच्चों को प्रमाण-पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने निपुण भारत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नोडल शिक्षक संकुल, नोडल शिक्षक, तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी प्रमाण-पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हमारा आंगन-हमारे बच्चे योजना अंतर्गत आंगनबाड़ी आने वाले बच्चों को बुनियादी शिक्षा भी प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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आंगनबाड़ी से बच्चा कुछ सीख करके ही प्राथमिक विद्यालय की कक्षा एक में प्रवेश करे, इस उद्देश्य से ही यह योजना संचालित की गई है। वर्तमान में आंगनबाड़ी एवं प्राथमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं पहले से बहुत अच्छी हैं। परिसर साफ-सुथरा एवं रंग-बिरंगा है। पढ़ने का बहुत ही अच्छा माहौल बना है। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों से कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चा प्रतिदिन कुछ न कुछ सीख करके ही घर जाए।
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यूट्यूब पर बहुत ही लर्निंग वीडियो है, इन वीडियो को भी बच्चों की पढ़ाई के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह जरूरी है कि बच्चा प्रतिदिन स्कूल आए। बीएसए मनीष सिंह ने कहा कि बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों में नियमित रूप से भेजें। प्राचार्य डायट शिवम आदि थे। हे।