फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   The British rule kept raining bullets, yet the tricolor was hoisted at the police station

अंग्रेजी हुकूमत बरसाती रही गोलियां, फिर भी थाने पर फहराया तिंरंगा

Sat, 21 Aug 2021 01:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Aug 2021 01:05 AM IST
विज्ञापन
The British rule kept raining bullets, yet the tricolor was hoisted at the police station
देश को आजादी दिलाने में काशी के रणबांकुरों ने भी अपनी जान दी है। आजादी की कहानी में चोलापुर के शहीद स्मारक को भी लोग याद करते हैं। जब युवाओं ने अंग्रेजी हुकूमत की बर्बरता की परवाह किए बिना थाने पर तिरंगा फहराया। आज भी यहां शहीदों की याद में विभिन्न कार्यक्रम होते हैं। चोलापुर के इतिहास का वो काला दिन 17 अगस्त 1942 लोगों को नहीं भूलता। बात नागपंचमी की है। आयर गांव में कुश्ती का दंगल चल रहा था। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों के सामने पहलवान जोर आजमाइश कर रहे थे। इसी बीच क्रांतिकारी बीर बहादुर सिंह पहुंचे और सीटी बजाकर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उन्होंने लोगों से कहा कि भारत माता जंजीरों में जकड़ी है और हम लोग नाग पंचमी उत्सव मना रहे हैं, यह ठीक नहीं। इतना सुनते ही लोग वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में आयर गांव से निकल पड़े। रास्ते में पड़ने वाले गांवों से भी ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर चोलापुर थाने की ओर निकल पड़े। स्व. बीर बहादुर सिंह के बेटे बजरंग सिंह ने बताया कि पिता के आह्वान पर ही भारत माता की जय, अंग्रेजों भारत छोड़ो के नारे लगाते हुए लोग थाने में घुस गए। अचानक थाने में भीड़ देख अंग्रेजों ने लोगों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। इसी बीच पांच युवा भीड़ से निकल कर हाथ में तिरंगा लेकर थाने की छत पर जा पहुंचे। तत्कालीन थाना प्रभारी ने विरोध किया और इस दौरान मारपीट भी हुई। अंग्रेज सिपाहियों ने भी निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। बावजूद जान की परवाह किए बिना लोगों ने थाने की छत पर तिरंगा फहराया।
विज्ञापन

कमलापति त्रिपाठी ने शहीद स्मारक का किया शिलान्यास
पंद्रह अगस्त 1947 को देश की आजादी के 25 साल बाद अगस्त 1972 में तत्कालीन वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राम प्रवेश चौबे की अगुवाई में तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी ने चोलापुर के शहीद स्मारक का शिलान्यास किया था। बता दें कि चोलापुर थाने पर तिरंगा फहराने के मामले में आयर निवासी रामनरेश उपाध्याय उर्फ विद्यार्थी, बेनीपुर आयर निवासी पंचम, शिवरामपुर के श्रीराम उर्फ बच्चू, चौथी के साथ ही सुलेमापुर के निरहू भी शहीद हो गए थे।
विज्ञापन

हर साल 17 अगस्त को होता है आयोजन
स्मारक पर हर साल 17 अगस्त को आयोजन कर शहीदों को याद किया जाता है। स्व. राम प्रवेश चौबे के पुत्र सतीश चौबे और स्व. बीर बहादुर सिंह के पुत्र बजरंग सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण जुटते हैं और शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को याद करते हैं। देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति भी की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed