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Varanasi News: नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ 24 घंटे का निर्जला अनुष्ठान, आज महिलाएं करेंगी पूजन
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वाराणसी। संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना का पर्व शुक्रवार को जीवित्पुत्रिका (जितिया) नहाय-खाय के साथ श्रद्धाभाव से शुरू हो गया। तीन दिवसीय इस कठिन अनुष्ठान के प्रथम दिन माताओं ने स्नान और ध्यान के बाद पूरी शुद्धता के साथ सात्विक आहार ग्रहण किया।
पारंपरिक नियमों के तहत व्रती महिलाएं शनिवार को अष्टमी तिथि के आगमन से पूर्व भोर में साबुत उड़द निगलने की रस्म पूरी करेंगी। इसके पश्चात 24 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ होगा, जिसमें अन्न और जल का पूर्ण त्याग रहेगा। उपवास के दौरान शाम को श्रद्धालु महिलाएं समीपवर्ती मंदिरों और पवित्र सरोवरों पर एकत्र होकर राजा जीमूतवाहन का विधि-विधान से पूजन करेंगी और पौराणिक कथा का श्रवण करेंगी। इसी क्रम में लक्सा स्थित लक्ष्मीकुंड पर चल रहे प्रसिद्ध सोरहिया मेले का भी विधिवत समापन होगा।
लक्ष्मीकुंड, सूर्य सरोवर, ईश्वरगंगी पोखरा, दुर्गाकुंड, अस्सी घाट, रामनगर समेत अन्य घाटों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ेगी। शुक्रवार को लक्ष्मीकुंड मंदिर में 10 हजार महिलाओं ने दर्शन-पूजन किया। मंदिर के आसपास काफी भीड़ नजर आई। जिउतिया, फल-फूल आदि की दुकानें तीन किलोमीटर दूर तक लगी रहीं।
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फलों के दाम में रही तेजी
पर्व को लेकर स्थानीय बाजारों और अस्थायी दुकानों पर दिनभर व्रतियों की भीड़ उमड़ी रही। पूजन और पारण के लिए अनिवार्य मानी जाने वाली वनस्पतियों और फलों के दामों में भारी तेजी देखी गई। कलीदार सतपुतिया 5 से 10 रुपये प्रति पीस बिकी, वहीं नोनी (नुनियां) का साग 230 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। केला, श्रीफल (नारियल), अनन्नास और खीरा 70 रुपये के भाव बिके, जबकि अन्य मौसमी फलों की कीमतें 150 रुपये प्रति किलो से ऊपर दर्ज की गईं।
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पारंपरिक नियमों के तहत व्रती महिलाएं शनिवार को अष्टमी तिथि के आगमन से पूर्व भोर में साबुत उड़द निगलने की रस्म पूरी करेंगी। इसके पश्चात 24 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ होगा, जिसमें अन्न और जल का पूर्ण त्याग रहेगा। उपवास के दौरान शाम को श्रद्धालु महिलाएं समीपवर्ती मंदिरों और पवित्र सरोवरों पर एकत्र होकर राजा जीमूतवाहन का विधि-विधान से पूजन करेंगी और पौराणिक कथा का श्रवण करेंगी। इसी क्रम में लक्सा स्थित लक्ष्मीकुंड पर चल रहे प्रसिद्ध सोरहिया मेले का भी विधिवत समापन होगा।
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लक्ष्मीकुंड, सूर्य सरोवर, ईश्वरगंगी पोखरा, दुर्गाकुंड, अस्सी घाट, रामनगर समेत अन्य घाटों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ेगी। शुक्रवार को लक्ष्मीकुंड मंदिर में 10 हजार महिलाओं ने दर्शन-पूजन किया। मंदिर के आसपास काफी भीड़ नजर आई। जिउतिया, फल-फूल आदि की दुकानें तीन किलोमीटर दूर तक लगी रहीं।
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फलों के दाम में रही तेजी
पर्व को लेकर स्थानीय बाजारों और अस्थायी दुकानों पर दिनभर व्रतियों की भीड़ उमड़ी रही। पूजन और पारण के लिए अनिवार्य मानी जाने वाली वनस्पतियों और फलों के दामों में भारी तेजी देखी गई। कलीदार सतपुतिया 5 से 10 रुपये प्रति पीस बिकी, वहीं नोनी (नुनियां) का साग 230 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। केला, श्रीफल (नारियल), अनन्नास और खीरा 70 रुपये के भाव बिके, जबकि अन्य मौसमी फलों की कीमतें 150 रुपये प्रति किलो से ऊपर दर्ज की गईं।