{"_id":"5d9a43888ebc3e93b65d5bc2","slug":"thagi-varanasi-news-vns4877993139","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे में नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे में नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
---गाजीपुर और लखनऊ के विशेष ध्यानार्थ---
---फोटो--
रेलवे में नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार
- आठ साल से की जा रही थी तलाश, शिवपुर में ईओडब्ल्यू की टीम ने दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों को ठगने वाले गिरोह के सरगना रंजीत सिंह मौर्य को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की टीम ने शिवपुर क्षेत्र से रविवार को गिरफ्तार किया। गाजीपुर के दिलदारनगर निवासी रंजीत को शिवपुर थाने की पुलिस को सौंपा गया है।
एसपी ईओडब्ल्यू सत्येंद्र कुमार ने बताया कि 2010-11 में रेलवे के ग्रुप सी और डी के पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर 30 युवकों से 15 लाख रुपये की ठगी की गई थी। 2011 में पीडि़त युवकों ने शिवपुर थाने में 24 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी थी। एसपी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वारदात के मास्टर माइंड की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में संजय सिंह, सुनील मिश्रा, विनीत पांडेय और सुभाष सिंह यादव की टीम गठित की गई। सर्विलांस और मुखबिर की मदद से इंस्पेक्टर को पता लगा कि आरोपी रंजीत शिवपुर क्षेत्र में सेंट्रल जेल रोड निवासी अपने रिश्तेदार से मिलने आया है तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। रंजीत से मिली जानकारी के आधार पर जल्द ही उसके गिरोह के अन्य सदस्य भी गिरफ्तार किए जाएंगे।
बीटेक की पढ़ाई के दौरान शुरू किया फर्जीवाड़ा
रंजीत ने बताया कि 2008 में वह चेन्नई से कंप्यूटर साइंस ट्रेड में बीटेक कर रहा था। इसी दौरान उसकी जान-पहचान पूर्वांचल के अन्य युवकों से हुई तो उसने बेरोजगार युवकों को नौकरी का झांसा देकर ठगने की योजना बनाई। इसके बाद रेलवे भर्ती बोर्ड कोलकाता का फर्जी परीक्षा परिचय पत्र और नियुक्ति पत्र तैयार कर वह पूर्वांचल के युवकों को ठगने लगा। कुछ दिनों में ही उसकी करतूत का भंडाफोड़ हो गया तो वह और उसकेे गिरोह के सदस्य जगह बदल-बदल कर रहने लगे। इन दिनों रंजीत लखनऊ के गोमती नगर में रह रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
---फोटो--
रेलवे में नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार
- आठ साल से की जा रही थी तलाश, शिवपुर में ईओडब्ल्यू की टीम ने दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों को ठगने वाले गिरोह के सरगना रंजीत सिंह मौर्य को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की टीम ने शिवपुर क्षेत्र से रविवार को गिरफ्तार किया। गाजीपुर के दिलदारनगर निवासी रंजीत को शिवपुर थाने की पुलिस को सौंपा गया है।
एसपी ईओडब्ल्यू सत्येंद्र कुमार ने बताया कि 2010-11 में रेलवे के ग्रुप सी और डी के पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर 30 युवकों से 15 लाख रुपये की ठगी की गई थी। 2011 में पीडि़त युवकों ने शिवपुर थाने में 24 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी थी। एसपी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वारदात के मास्टर माइंड की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में संजय सिंह, सुनील मिश्रा, विनीत पांडेय और सुभाष सिंह यादव की टीम गठित की गई। सर्विलांस और मुखबिर की मदद से इंस्पेक्टर को पता लगा कि आरोपी रंजीत शिवपुर क्षेत्र में सेंट्रल जेल रोड निवासी अपने रिश्तेदार से मिलने आया है तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। रंजीत से मिली जानकारी के आधार पर जल्द ही उसके गिरोह के अन्य सदस्य भी गिरफ्तार किए जाएंगे।
विज्ञापन
बीटेक की पढ़ाई के दौरान शुरू किया फर्जीवाड़ा
रंजीत ने बताया कि 2008 में वह चेन्नई से कंप्यूटर साइंस ट्रेड में बीटेक कर रहा था। इसी दौरान उसकी जान-पहचान पूर्वांचल के अन्य युवकों से हुई तो उसने बेरोजगार युवकों को नौकरी का झांसा देकर ठगने की योजना बनाई। इसके बाद रेलवे भर्ती बोर्ड कोलकाता का फर्जी परीक्षा परिचय पत्र और नियुक्ति पत्र तैयार कर वह पूर्वांचल के युवकों को ठगने लगा। कुछ दिनों में ही उसकी करतूत का भंडाफोड़ हो गया तो वह और उसकेे गिरोह के सदस्य जगह बदल-बदल कर रहने लगे। इन दिनों रंजीत लखनऊ के गोमती नगर में रह रहा था।
विज्ञापन