Textile Conclave: बनारस में देश भर के वस्त्र उद्यमियों को केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने किया संबोधित, कही ये बातें
काशी तमिल संगमम में आयोजित दो दिवसीय टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल पहुंचे। उन्होंने देशभर से आए कपड़ा उद्योग से जुडे़ उद्यमियों को संबोधित किया।
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काशी तमिल संगमम में आयोजित दो दिवसीय टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के शुभारंभ के मौके पर बुधवार को वाराणसी पहुंचे केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हस्तशिल्प के नाम पर मशीनों से उत्पाद तैयार कर योजनाओं का लाभ लेने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प देश की विरासत और हमारा गौरव है। काशी तमिल संगमम में देशभर के वस्त्र उद्योग से जुड़े उद्यमी दो दिनों तक भविष्य की कार्ययोजना तैयार करेंगे। क्रूज विवेकानंद रो पास पर देशभर से आए कपड़ा उद्योग से जुडे़ उद्यमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश में हस्तशिल्प ही कपड़ा उद्योग की दिशा तय करेगा।
भारत सरकार की ओर से बुनकरों, हस्तशिल्पियों सहित अन्य छोटी इकाइयों को लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। काशी तमिल संगमम के माध्यम से काशी और तमिलनाडु के बीच वर्षों के संबंध को विश्व और देश के सामने उजागर किया गया है।
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तमिलनाडु और वाराणसी के उत्पादों ने लुभाया
काशी तमिल संगमम के तहत चांदमारी स्थित हस्तकला संकुल में बुधवार से दो दिवसीय वस्त्र सम्मेलन का आगाज हुआ। तमिलनाडु और वाराणसी के हस्त शिल्पियों ने कुल 32 स्टॉल लगाए। गुरु शिष्य संवाद में शिल्पकार और बुनकरों ने अपने अनुभव साझा किए।
केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव रचना शाह ने कहा कि यह केवल काशी और तमिलनाडु के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के कारीगरों और हथकरघा बुनकरों के लिए उत्साहजनक कार्यक्रम और मौका है। विरासत और परंपरा को संरक्षित करने, उद्यमिता तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए भविष्य में ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए।
कारीगरों की बेहतरी, शिल्प संरक्षण के लिए मंत्रालय की ओर से नई योजनाएं तैयार की जा सकती हैं। इसके पूर्व उन्होंने प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान हथकरघा बुनकरों को सम्मानित किया गया।