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Varanasi News: पांचवीं बार टला 12 हजार एचपी रेल इंजन निर्माण का टेंडर
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पांचवीं बार टला 12 हजार एचपी रेल इंजन निर्माण का टेंडर
अब चार माह बाद 17 अगस्त को टेंडर, कारण का नहीं चला पता
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बनने वाले सबसे शक्तिशाली 12 हजार अश्वशक्ति (एचपी) रेल इंजन निर्माण का टेंडर अब चार माह बाद 17 अगस्त को होगा। सोमवार को होने वाला टेंडर एक फिर टल गया। इससे पहले सितंबर, अक्तूबर, दिसंबर, फरवरी में इसे टाला गया था। टेंडर प्रक्रिया में कई विदेशी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। चार विदेशी कंपनियों ने बरेका का दौरा भी किया है। इसमें रूस की दो, जापान की एक और फ्रांस की एक कंपनी शामिल है।
बरेका उप महाप्रबंधक विजय ने बताया कि इससे पहले चार बार कंपनियों की ओर से इंजन निर्माण के लेआउट सहित अन्य तथ्यों पर अध्ययन और निर्माण प्रक्रिया में बदलावों को लेकर समय मांगा गया था। जिसके चलते इसे टाल दिया जा रहा था, लेकिन इस बार टेंडर प्रक्रिया टलने को लेकर रेलवे बोर्ड की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली है।
2023-24 में होना था पांच इंजनों का निर्माणबरेका में 10 साल में 12 हजार अश्व शक्ति के 800 रेल इंजन बनने थे। 2023-24 में पांच इंजन बनाने का लक्ष्य रखा गया था। 24-25 में में 35 फिर 25-26 में 60 का लक्ष्य रखा गया था। हर साल सौ इंजन बनाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन टेंडर नहीं होने से निर्माण शुरू नहीं हो सका।
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अब चार माह बाद 17 अगस्त को टेंडर, कारण का नहीं चला पता
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बनने वाले सबसे शक्तिशाली 12 हजार अश्वशक्ति (एचपी) रेल इंजन निर्माण का टेंडर अब चार माह बाद 17 अगस्त को होगा। सोमवार को होने वाला टेंडर एक फिर टल गया। इससे पहले सितंबर, अक्तूबर, दिसंबर, फरवरी में इसे टाला गया था। टेंडर प्रक्रिया में कई विदेशी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। चार विदेशी कंपनियों ने बरेका का दौरा भी किया है। इसमें रूस की दो, जापान की एक और फ्रांस की एक कंपनी शामिल है।
बरेका उप महाप्रबंधक विजय ने बताया कि इससे पहले चार बार कंपनियों की ओर से इंजन निर्माण के लेआउट सहित अन्य तथ्यों पर अध्ययन और निर्माण प्रक्रिया में बदलावों को लेकर समय मांगा गया था। जिसके चलते इसे टाल दिया जा रहा था, लेकिन इस बार टेंडर प्रक्रिया टलने को लेकर रेलवे बोर्ड की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली है।
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2023-24 में होना था पांच इंजनों का निर्माणबरेका में 10 साल में 12 हजार अश्व शक्ति के 800 रेल इंजन बनने थे। 2023-24 में पांच इंजन बनाने का लक्ष्य रखा गया था। 24-25 में में 35 फिर 25-26 में 60 का लक्ष्य रखा गया था। हर साल सौ इंजन बनाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन टेंडर नहीं होने से निर्माण शुरू नहीं हो सका।
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