{"_id":"61e6ca09c517e96a9a5d12e4","slug":"technology-dissemination-day-will-be-organized-on-improved-seeds-brinjal-chilli-tomato-peas-beans-rajma-and-fifty-seven-pumpkins-to-be-prepared-on-ppp-mode","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी: पीपीपी मोड पर तैयार किए जाएंगे उन्नत बीज, बैंगन, मिर्च, टमाटर, मटर, सेम, राजमा और छप्पन कद्दू पर तकनीकी प्रसार दिवस का हुआ आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी: पीपीपी मोड पर तैयार किए जाएंगे उन्नत बीज, बैंगन, मिर्च, टमाटर, मटर, सेम, राजमा और छप्पन कद्दू पर तकनीकी प्रसार दिवस का हुआ आयोजन
Tue, 18 Jan 2022 07:39 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Tue, 18 Jan 2022 07:39 PM IST
सार
16 बीज कंपनियों 50 से अधिक कर्मचारी और प्रतिनिधियों को संस्थान में तैयार सब्जी किस्मों के बारे में जानकारी दी गई।
विज्ञापन
सब्जियां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) अब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर सब्जियों के उन्नत बीज तैयार करने और उसे ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। मंगलवार को शहंशाहपुर संस्थान की जोनल तकनीकी प्रबंधन इकाई की ओर से बैंगन, मिर्च, टमाटर, मटर, सेम, राजमा और छप्पन कद्दू पर तकनीकी प्रसार दिवस का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
जहां 16 बीज कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. तुषार कांति बेहेरा ने बीज कंपनियों के प्रतिनिधियों से सब्जी फसलों की उन्नत किस्मों के बीज की गुणवत्ता के मानकों व विपणन के लिए सुझावों पर चर्चा किया। कहा कि संस्थान सब्जी फसलों की उन्नत किस्मों को किसानों तक पहुंचाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा दे रहा है।
विज्ञापन
जिसके तहत निजी कंपनियों के साथ पीपीपी माध्यम से कार्य करने के लिए अनुबंधों को प्रभावी बनाने और अन्य कार्यक्रमों में सहायता लेने को लेकर चर्चा हुई। 16 बीज कंपनियों 50 से अधिक कर्मचारी और प्रतिनिधियों को संस्थान में तैयार सब्जी किस्मों के बारे में जानकारी दी गई। इसमें विभागाध्यक्षडा प्रभाकर मोहन सिंह, डॉ.जगदीश सिंह, डॉ. केके पांडेय एवं संस्थान के अन्य वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मचारी उपस्थित थे।
विज्ञापन