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तकनीक के हुनरमंदों ने दिखाई स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव की नई राह
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आज हर कि सी चीज में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। स्वास्थ्य हो या रक्षा तकनीक के बिना कुछ भी संभव नहीं है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों को तकनीक के इस्तेमाल से बेहतर बनाने में हुनरमंद दिन रात लगे हुए हैं। महामारी या बीमारी में तकनीक का इस्तेमाल कर जनता को लाभ पहुंचाने के लिए युवाओं ने एक से बढ़कर एक स्टार्टअप तैयार किए हैं।
आईआईटी बीएचयू में स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक की मदद से बदलाव को लेकर स्टार्टअप प्रदर्शनी लगाई गई है। भारत के अलग-अलग राज्यों से आए उत्कृष्ट स्टार्टअप का चयन होगा। आई-डीएपीटी हब फाउंडेशन की ओर से सोमवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय आई-डीएपीटी हब पिच चैलेंज के फाइनल की शुरुआत हुई। शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने किया। इस अवसर पर फाउंडेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश, समन्वयक डॉ. राजीव कुमार सिंह, आईआईटी मद्रास के प्रो. ए वीरा राघवन, आईआईटी बांबे के प्रो. वी वेदागिरी, आईआईटी रुड़की के प्रो. आर बाला सुब्रमण्यम मौजूद रहे।
हार्ट अटैक के पहले मिलेगी सूचना
हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर डिम्ड विश्वविद्यालय से आए प्रो. अजय गुप्ता ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जिसमें मेडिकल इमरजेंसी में बीमार व्यक्ति अपने फोन से जरूरी जानकारियां चिकित्सक को भेज सकता है। इस डिवाइस के जरिये हार्ट अटैक के पहले मरीज के हार्ट की असामान्य अवस्था को पहचानकर चिकित्सक तक इसकी सूचना पहुंचा जाएगी। घर पर अकेले रहने वाले बुजुर्ग या जाम में फंसने के दौरान इस डिवाइस का उपयोग कर मरीज की जान बचाई जा सकती है।
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इन तकनीकों पर बेस्ड हैं प्रोडक्ट्स
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, अर्बन डायनमिक्स, पोर्टेबल डायग्नोस्टिक सिस्टम, मोबाइल एप, रोबोटिक्स और रिलेवेंट मॉडर्न टेकिभनकल इनोवेशन
- डायबिटिज और किडनी से जुड़ी समस्याओं के लिए एडवांस ऑप्टिकल सेंसर
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आईआईटी बीएचयू में स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक की मदद से बदलाव को लेकर स्टार्टअप प्रदर्शनी लगाई गई है। भारत के अलग-अलग राज्यों से आए उत्कृष्ट स्टार्टअप का चयन होगा। आई-डीएपीटी हब फाउंडेशन की ओर से सोमवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय आई-डीएपीटी हब पिच चैलेंज के फाइनल की शुरुआत हुई। शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने किया। इस अवसर पर फाउंडेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश, समन्वयक डॉ. राजीव कुमार सिंह, आईआईटी मद्रास के प्रो. ए वीरा राघवन, आईआईटी बांबे के प्रो. वी वेदागिरी, आईआईटी रुड़की के प्रो. आर बाला सुब्रमण्यम मौजूद रहे।
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हार्ट अटैक के पहले मिलेगी सूचना
हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर डिम्ड विश्वविद्यालय से आए प्रो. अजय गुप्ता ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जिसमें मेडिकल इमरजेंसी में बीमार व्यक्ति अपने फोन से जरूरी जानकारियां चिकित्सक को भेज सकता है। इस डिवाइस के जरिये हार्ट अटैक के पहले मरीज के हार्ट की असामान्य अवस्था को पहचानकर चिकित्सक तक इसकी सूचना पहुंचा जाएगी। घर पर अकेले रहने वाले बुजुर्ग या जाम में फंसने के दौरान इस डिवाइस का उपयोग कर मरीज की जान बचाई जा सकती है।
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इन तकनीकों पर बेस्ड हैं प्रोडक्ट्स
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, अर्बन डायनमिक्स, पोर्टेबल डायग्नोस्टिक सिस्टम, मोबाइल एप, रोबोटिक्स और रिलेवेंट मॉडर्न टेकिभनकल इनोवेशन
- डायबिटिज और किडनी से जुड़ी समस्याओं के लिए एडवांस ऑप्टिकल सेंसर