टीबी हारेगा और भारत जीतेगा: पांच नए मॉडयूल से होगा क्षय रोग उन्मूलन, वाराणसी से पीएम मोदी ने देश को दी सौगात
वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित वन वर्ल्ड टीबी समिट में पीएम मोदी ने टीबी मुक्त पंचायत अभियान का शुभारंभ किया। पीएम मोदी ने क्षय रोग उन्मूलन में स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग की सराहना की।
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क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लिए 2025 के सपने को साकार करने में पांच नए मॉड्यूल अहम भागीदारी निभाएंगे। इसमें मरीज की जांच और इलाज के साथ ही उसके संपर्क में आने वाले परिजनों को जागरूक करने से लेकर अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं पर जोर है। पीएम मोदी ने क्षय रोग उन्मूलन में स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग की सराहना की।
जो मॉडयूल लांच किया गया, उसे लागू करने के साथ ही अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने आह्वान किया। इस मॉड्यूल में टीबी मरीज के उपचार की समय सीमा छह महीने से कम कर तीन महीने कर दी गई है। वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित वन वर्ल्ड टीबी समिट में पीएम मोदी ने टीबी मुक्त पंचायत अभियान का शुभारंभ किया।
2025 तक टीबी के खात्मे का संकल्प
वन वर्ल्ड टीबी समिट के मंच से प्रधानमंत्री ने काशी से पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि टीबी से जंग बड़ी आसानी से जीती जा सकती है। टीबी से मुक्ति दिलाने के लिए वैश्विक स्तर पर जहां 2030 की समय सीमा तय की गई है, वहीं भारत ने 2025 में ही इसके खात्मे का संकल्प लिया है।
ये हैं पांच नये मॉड्यूल
- - इंडिया टीबी रिपोर्ट 2023: इसमें देश में टीबी की मौजूदा स्थिति को बताने के साथ ही 2025 तक टीबी मुक्त की दिशा में किए गए प्रयासों का जिक्र है। ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी मिल सके।
- - ट्रेनिंग मॉडयूल ऑन एक्स्ट्रा पल्मोनरी ट्यूबरक्लोसिस: इस माॅड्यूल में सरकारी, निजी अस्पतालों में टीबी के मरीजों की पहचान, उनके निदान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को नई जानकारियां मिलेंगी।
- - फैमिली केयर गिवर माॅडयूलर: इसके तहत टीबी मरीज के परिवारीजनों को इसके संक्रमण से बचाव के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी मरीज के घर जाकर लोगों को इसके बारे में बताएंगे। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर भी रहेगा।
- - टीबी मुक्त पंचायत अभियान: इस मॉडयूल के तहत पंचायती राज संस्थाओं, ग्रामीण संस्थाओं के सहयोग से गांव को टीबी मुक्त बनाने संबंधी कार्य किए जाएंगे। इसमें ग्राम प्रधान की भूमिका अहम होगी।
- - शार्टर टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट: इसके माध्यम से टीबी निवारक उपचार किया जाएगा। अब तक जहां मरीज के उपचार के लिए छह महीने का कोर्स था, उसे कम कर तीन महीने कर दिया गया है। तीन महीने के नए कोर्स में संबंधित मरीज को अब सप्ताह में सिर्फ एक बार उपचार कराना होगा। टीबी मरीज के संपर्क में आए दो साल से बड़े उम्र के लोगों को यह ट्रीटमेंट दिया जाएगा।
पीएम बोले- गांधी जी का सपना पूरा किया
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद राष्ट्रपति महात्मा गांधी का सपना पूरा किया। इसका किस्सा भी सुनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधी जी को कुष्ठ रोग अस्पताल के उद्घाटन के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने जाने से इन्कार कर दिया। गांधी ने कहा कि जब अस्पताल में ताला लगाने के लिए बुलाया जाएगा तो जरूर आऊंगा।
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दरअसल, गांधी जी ने कुष्ठ रोग से निजात के लिए अभियान छेड़ रखा था। उन्हें लगता था कि देश कुष्ठ रोग से मुक्त होना चाहिए। वर्ष 2001 में गुजरात की जनता ने भाजपा व मुझे सेवा का अवसर दिया। तब कुष्ठ रोग का आंकड़ा 23 फीसदी था। कुछ समय में ही इसे घटाकर एक फीसदी पर ले आए। कुछ समय बाद गुजरातवासियों को कुष्ठ रोग से निजात मिल गई। कुष्ठ रोग अस्पताल पर भी ताला लग गया। गांधी जी चाहते थे कि कुष्ठ रोग से निजात मिले और अस्पताल बंद हो जाए। ठीक उसी तरह हमने देश को टीबी मुक्त करने का बीड़ा उठाया है।