लॉकडाउन में जन सेवा केंद्र से लें एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह, मात्र एक रुपया आएगा खर्च
कोरोना संक्रमण को लेकर पूरे देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच यदि किसी को सबसे अधिक परेशानी हुई है तो वह हैं देश के मरीज। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी का समय सीमित कर दिए जाने और प्राइवेट डॉक्टरों के यहां ओपीडी लगभग बंद हो जाने की स्थिति में इन मरीजों का कोई पुरसाहाल नहीं है।
ऐसे में केंद्रीय सूचना मंत्रालय के माध्यम से चल रहे जनसेवा केंद्रों पर मरीजों के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत मरी महज एक रुपये का चार्ज देकर देश के बड़े से बड़े डॉक्टर की सलाह हासिल कर सकता है।
बलिया जिले में कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक अजय सिंह बताते हैं कि मरीज को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए जिले के किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाना होगा। वहां जन सेवा केंद्र का संचालक अपनी वेबसाइट खोलेगा करेगा। इसके बाद मरीज से एक रुपये का चार्ज लेकर ऑनलाइन भुगतान करेगा। उसके भुगतान करते ही वेबसाइट ओपन हो जाएगी। तब उस समय देश के जितने भी डॉक्टर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे, उनकी लिस्ट सामने आ जाएगी।
इसके बाद मरीज की इच्छा अनुसार या उसकी बीमारी से संबंधित डॉक्टर को काल की जाएगी। डॉक्टर यदि कॉल रिसीव कर लेते हैं तो वे वीडियो कॉल पर सामने आ जाएंगे। इसके बाद डॉक्टर और मरीज की आपस में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत होगी। बातचीत के आधार पर डॉक्टर मरीज के लिए संबंधित दवाइयों की सलाह देंगे। सलाह के बाद जन सेवा केंद्र का संचालक डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों की पर्ची मरीज को प्रिंट निकाल कर दे देगा। उस पर्ची के आधार पर मरीज किसी भी लोकल मेडिकल स्टोर से दवा खरीद सकता है।
अपोलो अस्पताल तक के डॉक्टर हैं उपलब्ध
केंद्र सरकार की तरफ से जनसेवा केंद्रों के माध्यम से शुरू की गई इस सुविधा में देश के बड़े अस्पतालों के डॉक्टर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। जन सेवा केंद्र नगवा के संचालक विकास चौबे बताते हैं कि इस सुविधा से देश के बड़े अस्पतालों यहां तक कि अपोलो जैसे संस्थानों के डॉक्टर भी उपलब्ध हो रहे हैं। ऑनलाइन उपलब्ध होने वाले यह डॉक्टर मरीजों से काफी अच्छे ढंग से बात करते हैं। बीमारी को समझ कर दवाई बताते हैं। साथ ही मरीज को बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी देते हैं। इससे आयुष मंत्रालय के भी डॉक्टर जोड़े गए हैं।
लोकल डॉक्टर भी अब होंगे उपलब्ध
कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक अजय सिंह बताते हैं कि अब इस सेवा से लोकल डॉक्टरों को भी जोड़ा जा रहा है। इससे मरीज का भरोसा बढ़ेगा क्योंकि जब डॉक्टर उसका जाना पहचाना होगा तो वह बिना हिचकिचाहट अपनी बीमारी को लेकर उनसे चर्चा कर सकेगा और सलाह ले सकेगा। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवानी के अधीक्षक डॉक्टर मुकराम अहमद को इससे जोड़ा गया है। उनकी ट्रेनिंग भी पूरी हो गई है। वे जल्द ही इस सुविधा पर उपलब्ध होंगे।
अभी प्रचार-प्रसार पर दिया जा रहा है जोर
अजय सिंह ने बताया कि इस सुविधा को लेकर सरकार काफी काफी सेंसिटिव है। यदि लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाना शुरू कर दिया तो देश के अस्पतालों के सामने लगने वाली लंबी लाइन को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मरीज गांव में स्थित जनसेवा केंद्रों के माध्यम से डॉक्टरों से जुड़ सकेंगे और अस्पताल जाने से बचेंगे। उन्होंने बताया कि इस समय जिले में लगभग 1243 कॉमन सर्विस सेंटर उपलब्ध हैं। यह सेंटर दिनभर ओपन रहते हैं और कोई न कोई डॉक्टर भी पूरे दिन ऑनलाइन रहता ही है।
कोविड- 19 को लेकर चलाया जा रहा अभियान
कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक अजय सिंह ने बताया कि लॉक डाउन में सीएससी सेंटर संचालको के द्वारा कोरोना को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए एक विशेष वाहन भी चलाया जा रहा है। वह आम जनमानस के पास जाकर आवश्यक सामग्री का वितरण और कोविड 19 (कोरोना) हेतु जागरूक कर रही है। साथ ही डॉक्टर की उपलब्धता की जानकारी भी दी जा रही है।