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बीएचयू अस्पताल: बगल से गुजरता रहा ‘सिस्टम’, जमीन पर कराहती रही जिंदगी, स्ट्रेचर के लिए भटकते रहे परिजन

Sun, 21 Nov 2021 09:30 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 21 Nov 2021 09:30 AM IST
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BHU Hospital: patient lay down on floor no doctors and nurses checking up him relatives kept wandering for stretcher
बीएचयू अस्पताल में जमीन पर लेटा मरीज। - फोटो : अमर उजाला।

बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को एक मरीज स्ट्रेचर के अभाव में जमीन पर कराहता रहा। बगल से कई चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ गुजरते रहे, लेकिन सिस्टम से जुड़े लोगों की नजर नहीं पड़ी। कायाकल्प की वजह से पुरानी बिल्डिंग से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में इमरजेंसी शिफ्ट होने के बाद भी समस्या बरकरार है। बेहतर इलाज के लिए मरीजों को सुविधाओं की दरकार है।



इमरजेंसी में बेड का संकट तो बना ही है, जरूरत पड़ने पर स्ट्रेचर भी नहीं मिल रहे हैं। मजबूरन मरीजों को एसएसबी में इमरजेंसी के पास जमीन पर लेटना पड़ना पड़ रहा है। शनिवार दोपहर 12 बजे एसएसबी के बाहर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कई चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य लोग इधर से गुजरे, लेकिन किसी की इन मरीजों पर नजर नहीं पड़ी।

BHU Hospital: patient lay down on floor no doctors and nurses checking up him relatives kept wandering for stretcher
बीएचयू अस्पताल में जमीन पर लेटा मरीज। - फोटो : बीएचयू अस्पताल में जमीन पर लेटा मरीज।

अस्पताल प्रशासन की अनदेखी की वजह से मरीजों की जान पर बन आई है। इस तरह की स्थिति तब है जब इमरजेंसी में भी पर्चे की फीस 20 रुपये से बढ़ाकर 30 कर दी गई है। लोगों का कहना था कि अस्पताल ने फीस तो बढ़ा दी है। सुविधाएं क्यों नहीं बढ़ाई जाती है।

BHU Hospital: patient lay down on floor no doctors and nurses checking up him relatives kept wandering for stretcher

हाथ में आधार कार्ड लेकर स्ट्रेचर मांगते रहे परिजन
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की इमरजेंसी के गेट पर कुर्सी-मेज लगाकर एक कर्मचारी स्ट्रेचर, व्हील चेयर देने के लिए बैठा था। अन्य दिनों में यहां आठ से दस स्ट्रेचर दिखते थे, लेकिन शनिवार को स्थिति उलट थी। दोपहर 12 बजे चंदौली के बबूरी निवासी एक बुजुर्ग को लेकर परिजन पहुंचे। इमरजेंसी में पर्चा कटाकर परिजन चिकित्सक को दिखाने पहुंचे, बुजुर्ग चलने में असमर्थ थे।

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परिजन हाथ में आधार कार्ड लेकर स्ट्रेचर लेने गए तो कर्मचारी ने स्ट्रेचर न होने की बात कही। देखते देखते दो-तीन और लोग वहां आ गए। कोई स्ट्रेचर मांग रहा था तो किसी को व्हीलचेयर की दरकार थी। कर्मचारी भी क्या करता, बस एक ही जवाब था, अभी है नहीं। वापस आने पर ही स्ट्रेचर मिल पाएंगे।

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टूटे पड़े हैं स्ट्रेचर, व्हील चेयर पर दिया ऑक्सीजन
एसएसबी इमरजेंसी के बाहर एक कोने में तीन से चार स्ट्रेचर टूटे पड़े थे। किसी का पहिया टूटा था तो किसी की सीट ही खराब थी। इस तरह की स्थिति तब है जब इमरजेंसी में स्ट्रेचर पर भी मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। शनिवार को एक बुजुर्ग मरीज को स्ट्रेचर की जगह व्हील चेयर पर ही ऑक्सीजन दिया गया। करीब घंटे भर बाद उसे ऑक्सीजन देकर वापस भेजा गया।

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