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मंदिर निर्माण के लिए सीतामढ़ी से मिट्टी लेकर स्वामी परमहंस अयोध्या रवाना, आत्मदाह की दी है धमकी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 03 Dec 2018 11:00 AM IST
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स्वामी परमहंस अयोध्या जी
- फोटो : अमर उजाला
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श्री राम मंदिर निर्माण के लिए छह दिसंबर को अयोध्या में आत्मदाह का एलान करने वाले स्वामी परमहंस जी महाराज ने भदोही स्थित सीता समाहित स्थल की पवित्र मिट्टी कलश में भर अयोध्या के लिए रवाना हुए। इस दौरान घंटा- घड़ियाल, शंखध्वनि के बीच श्रीराम के गगन भेदी जयकारे लगते रहे। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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स्वामी परमहंस जी महाराज ने कहा कि अयोध्या में रामजन्म भूमि में रामलला का मंदिर अगर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ही बनना है तो भाजपा को अपने एजेंडे से श्री राम मंदिर को हटाना होगा। भाजपा मंदिर निर्माण पर राजनीति और करोड़ों हिंदुओ की आस्था और विश्वास के साथ कूटनीति कर रही है।
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उन्होंने कहा कि श्रीराम का कार्य माता सीता के बिना संभव नही है। कहा कि अगर सरकार पांच दिसंबर तक मंदिर निर्माण के लिए ठोस उपाय की घोषणा नही करती है तो छह दिसंबर को अयोध्या में आत्मदाह कर लेंगे। कहा कि चिता पर बैठने से पहले माता सीता के चरण रज (सीतामढ़ी की मिट्टी) को माथे पर लगा कर मंदिर निर्माण के लिए आत्मदाह करेंगे।
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तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन स्वामी को अपार जन समर्थन मिला। विश्व प्रसिद्ध 108 फीट ऊंचे भगवान हनुमान मंदिर परिसर में परमहंस जी को 108 मीटर लंबी माला पहना कर अविस्मरणीय स्वागत किया गया। घंटा- घड़ियाल, शंखध्वनि के बीच श्रीराम के गगन भेदी जयकारे लगते रहे।
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परमहंस जी ने सीता समाहित स्थल के मां सीता केश वाटिका से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में पवित्र मिट्टी भरी तो सीता राम के गगन भेदी नारो से सीतामढ़ी का कोना कोना श्री राम सीता मय हो गया।