{"_id":"63e9f9cc791b7cf4610a113d","slug":"swami-jitendranand-got-angry-on-statement-of-maulana-madani-on-sanatan-dharam-2023-02-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Varanasi: मौलाना मदनी के बयान पर भड़के स्वामी जितेंद्रानंद, बोले- इतिहास ठीक से पढ़ाने की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi: मौलाना मदनी के बयान पर भड़के स्वामी जितेंद्रानंद, बोले- इतिहास ठीक से पढ़ाने की जरूरत
Mon, 13 Feb 2023 08:02 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 13 Feb 2023 08:02 PM IST
सार
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने मौलाना मदनी द्वारा सनानत धर्म की प्राचीनता पर दिए बयान पर पलटवार किया है।
विज्ञापन
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन के आखिरी दिन मौलाना अरशद मदनी के बयान से संत समाज आक्रोशित है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने मौलाना मदनी द्वारा सनानत धर्म की प्राचीनता पर दिए बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मौलाना मदनी के बयान के बाद लगता है कि उन्हें इतिहास सही से नहीं पढ़ाया गया है।
विज्ञापन
स्वामी जितेंद्रानंद ने भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि तथ्यों के आधार पर पूरे इतिहास का लेखन फिर से हो। कहा कि मौलाना मदनी इस्लाम को दुनिया को प्राचीन धर्म बताएंगे, तो कोई बौद्ध धर्म को। जब भगवान बुद्ध ने स्वयं पाली भाषा में कहा ‘असो धम्म: सनातन:’ यानी कि सबसे पुराना धर्म सनातन है।
विज्ञापन
आगे कहा कि मदनी और स्वामी प्रसाद के बयानों से लगता है कि सच में अब तथ्यों के आधार इतिहास का पूरा लेखन दोबारा करना की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस बार तुर्की और सीरिया में भी आए भूकंप में 3000 साल पुराने मंदिर मिले हैं, चीन के अंदर भी 5000 साल पुराने मंदिर मिले हैं। द्वारका में 500 साल पुराना शहर उपलब्ध है ही।
विज्ञापन
Trending Videos
उन्होंने मौलाना मदनी को चुनौती देते हुए कहा कि ऐसा कोई भी पुराना कोई हजार साल पुराना आर्किटेक्चर उपलब्ध करा देना और इस तरह की बहस में आना अन्यथा देश की जनता से इस तरह के झूठ के लिए मांफी मांगना।
उन्होंने कहा कि मौलाना मदनी के बयान के बाद लगता है कि उन्हें इतिहास सही से नहीं पढ़ाया गया है।