वाराणसी। जिले में जन्मजात विकृतियों से जूझ रहे बच्चों की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत निशुल्क सर्जरी कराई गई है। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (एनटीडी) के चार और मुड़े हुए पैर की समस्या से परेशान 22 बच्चों की सर्जरी हुई। 32 कटे होठ व तालु वाले बच्चों की सर्जरी स्माइल ट्रेन संस्था के सौजन्य से आरबीएसके के अंतर्गत कराई गई। तीन बच्चों के दिल में छेद का ऑपरेशन अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज एवं कानपुर मेडिकल कॉलेज में कराया गया। जिले में आरबीएसके के तहत जन्मजात विकृतियों से परेशान 19 साल तक के बच्चों के निशुल्क इलाज की व्यवस्था है।
सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि जिले में 16 आरबीएसके की टीमें हैं। हर ब्लॉक पर दो-दो टीमें काम करती हैं। 2019-20 में टीम ने आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों को चिन्हित कर उनका उपचार कराया। 2020-21 में भी बेहतर कार्य किया गया। मार्च से अक्तूबर 2020 तक स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बंद थे। टीम कोरोना ड्यूटी में लगी रही। नवंबर से एक बार फिर पुरानी व्यवस्था शुरू हुई है। एडिशनल सीएमओ डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि 2019-20 में बच्चों की जांच का लक्ष्य 3,35,662 रखा गया था। जिसमें 3,34,854 बच्चों की जांच की गई। ‘फोर डी’ से 16,124 बच्चे प्रभावित मिले। बेहतर इलाज के लिए इन्हें उच्च चिकित्सा इकाइयों में रेफर किया गया।