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काशी में विकास कार्यों की धीमी गति पर नगर विकास मंत्री ने लगाई फटकार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 09 Jul 2017 03:42 PM IST
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मंडलायुक्त सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान नगर विकास मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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पीएम के संसदीय क्षेत्र काशी में विकास कार्यों की धीमी गति पर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई है। शनिवार को मंडलायुक्त सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने तय समय में योजनाओं के पूरा न होने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा।
पेयजल, सफाई, सीवर से जुड़ी योजनाओं को खासतौर से जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, केंद्र सरकार की ओर से संचालित हृदय, अमृत, नमामि गंगे और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में तेजी लाने की ताकीद की। कहा कि इन योजनाओं के कार्य तय मियाद पर पूरा न हुए तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने कहा कि हृदय, अमृत, नमामि गंगे, स्वच्छ भारत मिशन की कार्यदायी संस्थाओं की निगरानी उच्चाधिकारी खुद करें। गुणवत्ता के साथ युद्ध स्तर पर काम कराया जाए। कहा कि विकास परियोजनाआें के लिए कोई भी डीपीआर जनता को ध्यान में रखकर बनाएं।
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जनप्रतिनिधियों के सुझाव भी शामिल किए जाएं। विकास में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। कार्यदायी संस्थाओं को पूरी जवाबदेही के साथ काम कराना होगा।
मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण को हर सप्ताह और पंद्रह दिन पर विकास कार्यों की समीक्षा करने और उसकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। चरणबद्ध तरीके से लक्ष्य निर्धारित कर कार्यों को समय से पूरा कराने की ताकीद की।
मनमाना बनवाए शौचालय तो होगी कार्रवाई
शहर में जायजा से बनवाए गए सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा के दौरान जगह का चयन सही न होने की बात सामने आई। मनमाने तरीके से शौचालयों के निर्माण पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय अपर सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने कड़ी आपत्ति जताई।
नगर विकास मंत्री की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि कई सामुदायिक शौचालय ऐसी जगह बनवा दिए गए हैं, जहां उनका उपयोग ही नहीं है। इस बारे में उनके सवालों पर नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
अपर सचिव ने अपेक्षित स्थानों के बजाए गलत जगहों पर बने सामुदायिक शौचालयों के लिए स्थान चयन करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने और उन्हें दंडित करने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया। साथ ही, ताकीद की कि सामुदायिक शौचालयों का निर्माण ऐसे स्थानों पर कराए जाएं, जहां उनका अधिकतम इस्तेमाल हो।
स्वच्छता अभियान कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए नगर विकास मंत्री ने दो अक्तूबर तक शहरी सीमा के सभी 90 वार्डों को खुले में शौचमुक्त करने के निर्देश दिए। ट्रैक के आसपास खाली जमीन पर शौचालय बनाने में रेलवे के सहयोग नहीं करने की शिकायत पर एक अधिकारी को दिल्ली में कैंप कर रेलवे से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेेने के निर्देश दिए।
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पेयजल, सफाई, सीवर से जुड़ी योजनाओं को खासतौर से जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, केंद्र सरकार की ओर से संचालित हृदय, अमृत, नमामि गंगे और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में तेजी लाने की ताकीद की। कहा कि इन योजनाओं के कार्य तय मियाद पर पूरा न हुए तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
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मंत्री ने कहा कि हृदय, अमृत, नमामि गंगे, स्वच्छ भारत मिशन की कार्यदायी संस्थाओं की निगरानी उच्चाधिकारी खुद करें। गुणवत्ता के साथ युद्ध स्तर पर काम कराया जाए। कहा कि विकास परियोजनाआें के लिए कोई भी डीपीआर जनता को ध्यान में रखकर बनाएं।
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जनप्रतिनिधियों के सुझाव भी शामिल किए जाएं। विकास में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। कार्यदायी संस्थाओं को पूरी जवाबदेही के साथ काम कराना होगा।
मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण को हर सप्ताह और पंद्रह दिन पर विकास कार्यों की समीक्षा करने और उसकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। चरणबद्ध तरीके से लक्ष्य निर्धारित कर कार्यों को समय से पूरा कराने की ताकीद की।
मनमाना बनवाए शौचालय तो होगी कार्रवाई
शहर में जायजा से बनवाए गए सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा के दौरान जगह का चयन सही न होने की बात सामने आई। मनमाने तरीके से शौचालयों के निर्माण पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय अपर सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने कड़ी आपत्ति जताई।
नगर विकास मंत्री की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि कई सामुदायिक शौचालय ऐसी जगह बनवा दिए गए हैं, जहां उनका उपयोग ही नहीं है। इस बारे में उनके सवालों पर नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
अपर सचिव ने अपेक्षित स्थानों के बजाए गलत जगहों पर बने सामुदायिक शौचालयों के लिए स्थान चयन करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने और उन्हें दंडित करने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया। साथ ही, ताकीद की कि सामुदायिक शौचालयों का निर्माण ऐसे स्थानों पर कराए जाएं, जहां उनका अधिकतम इस्तेमाल हो।
स्वच्छता अभियान कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए नगर विकास मंत्री ने दो अक्तूबर तक शहरी सीमा के सभी 90 वार्डों को खुले में शौचमुक्त करने के निर्देश दिए। ट्रैक के आसपास खाली जमीन पर शौचालय बनाने में रेलवे के सहयोग नहीं करने की शिकायत पर एक अधिकारी को दिल्ली में कैंप कर रेलवे से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेेने के निर्देश दिए।
तीन माह में तैयार हो जाएगा स्मार्ट सिटी का खाका
suresh khanna
- फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी का खाका तीन महीने में तैयार कर लिया जाएगा। ग्रीन ऊर्जा के जरिए पर्यावरण संरक्षण की भी पहल होगी। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने मंडलायुक्त को निर्देश दिया है कि स्मार्ट सिटी की पूरी कार्ययोजना तय होने के बाद हर कार्य निर्धारित समय सीमा में कराया जाए।
शनिवार को इस योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री इसके विभिन्न पहलुओं पर कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण से जानकारी की। बताया कि स्मार्ट सिटी योजना के लिए 2520 करोड़ की धनराशि स्वीकृत है। अब तक केंद्र से 107 करोड़ और इतनी ही धनराशि प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई है।
मंत्री ने कहा कि मुकम्मल खाका तैयार कराएं। जुलाई में बजट पास होने के तत्काल बाद स्मार्ट सिटी योजना की विकास परियोजनाओं के लिए प्रदेश सरकार की ओर से धनराशि मुहैया करा दी जाएगी।
गोदौलिया, चौक, मैदागिन, बेनियाबाग में पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश देते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत पेयजल, पार्किंग, सीवेज, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर फोकस होगा। कमिश्नर को निर्देश दिया कि पेयजल, स्वच्छता, सड़क समेत छह बिंदुओं पर तीन महीने में जब काम शुरू हो तो उसकी समयसीमा तय करें।
मानक-गुणवत्ता के साथ हर हाल में तय समयसीमा में काम पूरा कराएं। किसी कार्य का टेंडर कब खुलेगा, कार्य कब शुरू होगा और कब खत्म होगा, इसकी पहले से पूरी तैयारी और निगरानी होनी चाहिए। कमिश्नर ने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए पीएमसी का गठन हो चुका है और इसका निदेशक मंडल भी बन चुका है। उन्होंने योजना के कार्यों को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ कराए जाने का भरोसा दिलाया।
15 तक ओवरहेड टैंक चालू कराएं
पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान जेएनएनयूआरएम के तहत अरसे से बनकर तैयार ओवरहेड टैंकों से अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं होने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। विधि, न्याय, सूचना एवं खेल राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इस दौरान जलनिगम के अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा इसके लिए निर्धारित 15 अगस्त की समय सीमा याद दिलाई। मंत्री ने कहा कि 15 अगस्त तक ओवरहेड टैंकों को चालू कर हर हाल में घरों तक पानी पहुंचाया जाए। किसी तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी।
शहर में लगेंगे 300 वाटर एटीएम, मिलेगा रोजगार
जनता को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए शहर में जल्द ही 300 वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। इन वाटर एटीएम से बेहद सस्ते में शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। अमृत योजना के तहत शहर में अब तक पांच वाटर एटीएम लगाए जाने पर मंत्री ने संतुष्टि जाहिर की। साथ ही निर्देश दिया कि शहर में ऐसे करीब तीन सौ स्थान और चिह्नित किए जाएं। वहां वाटर एटीएम लगाएं। उन वाटर एटीएम से 20 लीटर शुद्ध पेयजल का जार मात्र 11 रुपये में दिए जाएं। साथ ही, घरों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रत्येक वाटर एटीएम पर 2-3 युवाओं को लगाया जाए। इससे जनता को शुद्ध पानी के साथ युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
शनिवार को इस योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री इसके विभिन्न पहलुओं पर कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण से जानकारी की। बताया कि स्मार्ट सिटी योजना के लिए 2520 करोड़ की धनराशि स्वीकृत है। अब तक केंद्र से 107 करोड़ और इतनी ही धनराशि प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई है।
मंत्री ने कहा कि मुकम्मल खाका तैयार कराएं। जुलाई में बजट पास होने के तत्काल बाद स्मार्ट सिटी योजना की विकास परियोजनाओं के लिए प्रदेश सरकार की ओर से धनराशि मुहैया करा दी जाएगी।
गोदौलिया, चौक, मैदागिन, बेनियाबाग में पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश देते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत पेयजल, पार्किंग, सीवेज, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर फोकस होगा। कमिश्नर को निर्देश दिया कि पेयजल, स्वच्छता, सड़क समेत छह बिंदुओं पर तीन महीने में जब काम शुरू हो तो उसकी समयसीमा तय करें।
मानक-गुणवत्ता के साथ हर हाल में तय समयसीमा में काम पूरा कराएं। किसी कार्य का टेंडर कब खुलेगा, कार्य कब शुरू होगा और कब खत्म होगा, इसकी पहले से पूरी तैयारी और निगरानी होनी चाहिए। कमिश्नर ने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए पीएमसी का गठन हो चुका है और इसका निदेशक मंडल भी बन चुका है। उन्होंने योजना के कार्यों को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ कराए जाने का भरोसा दिलाया।
15 तक ओवरहेड टैंक चालू कराएं
पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान जेएनएनयूआरएम के तहत अरसे से बनकर तैयार ओवरहेड टैंकों से अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं होने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। विधि, न्याय, सूचना एवं खेल राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इस दौरान जलनिगम के अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा इसके लिए निर्धारित 15 अगस्त की समय सीमा याद दिलाई। मंत्री ने कहा कि 15 अगस्त तक ओवरहेड टैंकों को चालू कर हर हाल में घरों तक पानी पहुंचाया जाए। किसी तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी।
शहर में लगेंगे 300 वाटर एटीएम, मिलेगा रोजगार
जनता को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए शहर में जल्द ही 300 वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। इन वाटर एटीएम से बेहद सस्ते में शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। अमृत योजना के तहत शहर में अब तक पांच वाटर एटीएम लगाए जाने पर मंत्री ने संतुष्टि जाहिर की। साथ ही निर्देश दिया कि शहर में ऐसे करीब तीन सौ स्थान और चिह्नित किए जाएं। वहां वाटर एटीएम लगाएं। उन वाटर एटीएम से 20 लीटर शुद्ध पेयजल का जार मात्र 11 रुपये में दिए जाएं। साथ ही, घरों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रत्येक वाटर एटीएम पर 2-3 युवाओं को लगाया जाए। इससे जनता को शुद्ध पानी के साथ युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना
- फोटो : अमर उजाला
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने शनिवार को सुबह बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर और वहां जाने वाली गलियों का निरीक्षण कर उन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही, सावन के मद्देनजर सफाई व्यवस्था पूरी तरह चाकचौबंद करने की ताकीद की।
गोदौलिया से बांसफाटक, कचौड़ी गली, सरस्वती फाटक होते हुए मंत्री ने आसपास की गलियों का भी जायजा लिया। मंदिर के आसपास लटकते बिजली के तारों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। कहा कि सावन तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
चौबीस घंटे पेयजल, चिकित्सा सुविधा के साथ ही रविवार तक सड़कें हर हाल में दुरुस्त करने की ताकीद की। यह भी कहा कि विश्वनाथ मंदिर के पास कंट्रोल रूम में विद्युत, जलनिगम, नगर निगम आदि विभागों के अभियंताओं/अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए।
रेलवे-बस स्टेशनों पर भी सफाई और पेयजल के अलावा चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की हिदायत दी। इस दौरान मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी भी साथ थे।
मंत्री का दावा, 65 फीसदी सड़कें गड्ढामुक्त
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने दावा किया कि 65 फीसदी सड़कें गड्ढामुक्त कर दी गई हैं। बाकी पर तेजी से काम चल रहा है। कांवरिया मार्गों को प्राथमिकता के तौर पर दुरुस्त कराया जा रहा है।
विकास कार्यों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर दो लाख लोगों को अपना आशियाना 2022 तक मुहैया कराएगी। दो कमरे, किचने और बाथरूम पर कुल 3.34 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें डेढ़ लाख रुपये केंद्र और एक लाख रुपये प्रदेश सरकर देगी। बाकी धनराशि लाभार्थी को लगानी होगी। यदि धन नहीं है तो सरकार ऐसे लोगों को लोन की भी सुविधा प्रदान करेगी।
प्रदेश सरकार के 100 दिन पूरे होने पर उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि किसानों के माफी का वादा पूरा किया गया। ग्रामीण इलाके में 18, तहसील मुख्यालयों पर 20 और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली दी जा रही है। जब से योगी सरकार बनी है जनता का भरोसा बढ़ा है। हमारी सरकार ने कार्य संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया है।
गोदौलिया से बांसफाटक, कचौड़ी गली, सरस्वती फाटक होते हुए मंत्री ने आसपास की गलियों का भी जायजा लिया। मंदिर के आसपास लटकते बिजली के तारों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। कहा कि सावन तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
चौबीस घंटे पेयजल, चिकित्सा सुविधा के साथ ही रविवार तक सड़कें हर हाल में दुरुस्त करने की ताकीद की। यह भी कहा कि विश्वनाथ मंदिर के पास कंट्रोल रूम में विद्युत, जलनिगम, नगर निगम आदि विभागों के अभियंताओं/अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए।
रेलवे-बस स्टेशनों पर भी सफाई और पेयजल के अलावा चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की हिदायत दी। इस दौरान मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी भी साथ थे।
मंत्री का दावा, 65 फीसदी सड़कें गड्ढामुक्त
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने दावा किया कि 65 फीसदी सड़कें गड्ढामुक्त कर दी गई हैं। बाकी पर तेजी से काम चल रहा है। कांवरिया मार्गों को प्राथमिकता के तौर पर दुरुस्त कराया जा रहा है।
विकास कार्यों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर दो लाख लोगों को अपना आशियाना 2022 तक मुहैया कराएगी। दो कमरे, किचने और बाथरूम पर कुल 3.34 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें डेढ़ लाख रुपये केंद्र और एक लाख रुपये प्रदेश सरकर देगी। बाकी धनराशि लाभार्थी को लगानी होगी। यदि धन नहीं है तो सरकार ऐसे लोगों को लोन की भी सुविधा प्रदान करेगी।
प्रदेश सरकार के 100 दिन पूरे होने पर उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि किसानों के माफी का वादा पूरा किया गया। ग्रामीण इलाके में 18, तहसील मुख्यालयों पर 20 और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली दी जा रही है। जब से योगी सरकार बनी है जनता का भरोसा बढ़ा है। हमारी सरकार ने कार्य संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया है।