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लापता वायुसेना का विमान : सूरज की चौथे दिन भी नहीं मिली खबर, पत्नी शालू का रो-रोकर बुरा हाल
Fri, 07 Jun 2019 11:46 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Fri, 07 Jun 2019 11:46 AM IST
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सूरज और उसकी बीवी (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
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असम के जोरहट से तीन जून को उड़ान भरने के बाद लापता भारतीय वायुसेना के एएन- 32 परिवहन विमान में मौजूद उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के शोभाछपरा निवासी सूरज का पता चौथे दिन भी नहीं चला है। जोरहाट पहुंचे छोटे भाई प्रिंस को भी कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है। बेटे की चिंता में पिता विनोद सिंह बेसुध से हैं। सूरज की पत्नी शालू का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बैरिया थाना क्षेत्र के शोभा छपरा गांव निवासी सूरज कुमार सिंह वायु सेना में लीडिंग एयर क्राफ्ट के पद पर तैनात हैं। तीन जून को जोरहाट के वायु सेना के लापता विमान में सूरज समेत कुल 13 लोग सवार थे। विमान लापता होने के दिन ही एयरफोर्स के अधिकारियों ने सूरज के पिता विनोद सिंह को घटना की जानकारी दी थी। सूरज का पता नहीं चलने पर परिजनों के साथ गांव के लोग भी परेशान हैं।
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हर दिन लोग विनोद सिंह के दरवाजे पर पहुंच कर सूरज के बारे में जानकारी ले रहे हैं और परेशान परिजनों का ढांढस बंधा रहे हैं। सूरज विवाह के बाद पहली बार बीते 12 मई को आए थे और 25 मई को लौट गए थे। उन्होंने परिवार से वादा किया था कि अगस्त में जरूर आएंगे और पूरी छुट्टी अपने परिवार के साथ बिताएंगे। सूरज जब गांव आते थे तो गांव के युवाओं को डिफेंस में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। इस बार भी उन्होंने बताया था कि अगस्त में आएंगे तो युवाओं की तैयारी कराएंगे।
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सूरज, अपने दोनों छोटे भाई विक्रांत और प्रिंस को भी डिफेंस में जाने के लिए प्रेरित करते थे। सूरज का कहना था कि देश की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। व्यवहार कुशलता के चलते सूरज को पूरे गांव के लोग सम्मान देते थे। ऐसे में सूरज का पता नहीं चलने पर गांव के सभी लोग परेशान हैं। लोग सूरज के लौटने की ईश्वर से कामना कर रहे हैं। उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद जोरहाट पहुंचे छोटे भाई प्रिंस सिंह को वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक खोजबीन चल रही है। अभी विमान का पता नहीं चला है।