फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Sunil Oja: Merged into Panchatatva in front of daughter 'Ganga', no family member in the trust of Gadauli Dham

सुनील ओजा: बेटी 'गंगा' के सामने पंचतत्व में विलीन हुए, गड़ौली धाम के ट्रस्ट में परिवार का कोई सदस्य नहीं

Fri, 01 Dec 2023 12:46 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Fri, 01 Dec 2023 12:46 PM IST
सार

भाजपा नेता सुनील ओजा ने कोरोना की लहर में ओएस बालकुंदन फाउंडेशन की स्थापना की और वाराणसी से ही इस सिगरा के एक मकान के पते पर ट्रस्ट का पंजीकरण कराया। इसके बाइलाज के अनुसार प्रधान न्यासी को अपना उत्तराधिकारी तय करेंगे और ऐसा नहीं हो पाने की स्थिति में वरिष्ठता के आधार पर सदस्य निर्णय करेंगे।

विज्ञापन
Sunil Oja: Merged into Panchatatva in front of daughter 'Ganga', no family member in the trust of Gadauli Dham
सुनील ओझा की पुत्री गंगा - फोटो : संवाद

विस्तार

जिस गड़ौली धाम में भाजपा नेता और बिहार भाजपा के सह प्रभारी रहे सुनील ओजा को अंतिम विदाई दी गई, उस परिसर को संचालित करने वाले ओएस बाल कुंदन फाउंडेशन की कार्यकारिणी में उनके परिवार को कोई सदस्य शामिल नहीं है। ऐसे में फाउंडेशन का संचालन अब परिवार के हाथों में जाएगा या ट्रस्ट के सदस्य ही इसका संचालन करेंगे, इस पर भी निर्णय होना बाकी है।

विज्ञापन

ट्रस्ट के गठन के समय प्रधान न्यासी सुनील ओजा के साथ हैदराबाद के मैकाले विष्णु वर्धन रेड्डी और सिगरा निवासी डा. संध्या दूबे इसके सदस्य बनाए गए थे। फिलहाल, हैदराबाद के मैकाले विष्णु वर्धन रेड्डी ने कुछ समय बाद ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया था। नियमों के अनुसार इसमें शहर के कुछ नामचीन लोगों को नए सदस्य के रुप में जोड़ा गया है। ओजा का अंतिम संस्कार करने के बाद उनके दोनों बेटे और परिवार के लोग बृहस्पतिवार की देर रात गुजरात रवाना हो गए। गड़ौली धाम और दत्तक पुत्री गंगा सहित अन्य जिम्मेदारियों पर निर्णय करने के लिए उनके दोनों बेटे 15 दिन बाद वाराणसी लौटेंगे।

विज्ञापन

भाजपा नेता सुनील ओजा ने कोरोना की लहर में ओएस बालकुंदन फाउंडेशन की स्थापना की और वाराणसी से ही इस सिगरा के एक मकान के पते पर ट्रस्ट का पंजीकरण कराया। इसके बाइलाज के अनुसार प्रधान न्यासी को अपना उत्तराधिकारी तय करेंगे और ऐसा नहीं हो पाने की स्थिति में वरिष्ठता के आधार पर सदस्य निर्णय करेंगे। ऐसे में ट्रस्ट के नए सदस्यों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। यहां बता दें कि गड़ौली धाम में सरकारी खर्च पर 1008 सामूहिक विवाह कराए जाने के बाद ट्रस्ट चर्चा में आया था। इसके बाद ही संगठन ने नाराजगी जाहिर करते हुए यूपी प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओजा का स्थानांतरण इसी भूमिका में बिहार कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

 

Sunil Oja: Merged into Panchatatva in front of daughter 'Ganga', no family member in the trust of Gadauli Dham
गंगा के साथ भाजपा नेता सुनील कुमार ओझा - फोटो : संवाद

गड़ौली धाम में कथा के दौरान ही बीमार हुए थे सुनील ओजा

गड़ौली धाम में 18 से 26 नवंबर तक श्री रामकथा का आयोजन किया गया था। कथा के दौरान ही सुनील ओजा की तबियत बिगड़ गई और उन्हें कैंट क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां कुछ दिन भर्ती होने बाद भी हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल ले जाया गया था।

ढाई साल की गंगा को लेकर शहर के लोग चिंतित

सुनील ओजा की ढाई साल की दत्तक पुत्री गंगा को लेकर उनके करीबी चिंतित हैं। फिलहाल, गंगा सिगरा निवासी ओएस बालकुंदन फाउंडेशन की ट्रस्टी डा. संध्या दूबे के पास है। सुनील ओजा के बड़े बेटे विरल ओजा ने बताया कि पूरा परिवार गुजरात लौट रहा है और अंतिम संस्कार का विधि विधान वहीं किया जाएगा। 15 दिन बाद हम लौटेंगे फिर पिताजी की सभी जिम्मेदारी पर निर्णय करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed