सेंट्रल जेल में सुसाइड करने वाले कैदी ने लिखा-13 साल से सजा काट रहा हूं, अब बर्दाश्त नहीं
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वाराणसी के सेंट्रल जेल में फांसी लगाकर जान देने वाले कैदी चंद्रशेखर यादव का सुसाइड नोट कैंटीन स्थित उसके काम करने की जगह से बरामद हुआ। इसमें चंद्रशेखर ने लिखा है कि 13 साल से सजा काट रहा हूं। अब सजा बर्दाश्त नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से परेशान होकर जान दे रहा हूं।
इसमें किसी बंदी, बंदीरक्षक या जेल के कर्मचारियों और अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं है। उधर, रविवार को परिजनों के आने के बाद वीडियो कैमरे के सामने चंद्रशेखर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना के बैताल साहूटोला का रहने वाला चंद्रशेखर यादव 18 अप्रैल 2010 से सेंट्रल जेल में बंद था। पत्नी की हत्या का दोष सिद्ध होने पर उसे उम्र कैद की सजा हुई थी। मौजूदा समय में वह सेंट्रल जेल की कैंटीन में काम करता था। शनिवार की देर शाम कैंटीन के एक कमरे में चंद्रशेखर रस्सी के फंदे के सहारे लटका मिला था।
इस संबंध में सेंट्रल जेल के प्रभारी अधीक्षक पीके त्रिवेदी ने बताया कि चंद्रशेखर कैंटीन के जिस कमरे में काम करता था, वहीं से कागजात के बीच उसका सुसाइड नोट और आधार कार्ड आदि बरामद हुआ है। अवसादग्रस्त होकर उसने फांसी लगा कर जान दी है। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया।