प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहा था 9 साल का बच्चा, बीएचयू के बाल रोग विभाग के डॉक्टरों ने दिया जीवनदान
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प्रोस्टेट कैंसर की जंग लड़ने वाले एक नौ साल के बच्चे का स्टेम सेल से सफल प्रत्यारोपण किया गया। बाल रोग विभाग के चिकित्सकों की टीम को इसमें कामयाबी मिली। करीब 40 दिन तक भर्ती रहने के बाद बच्चे का प्रत्यारोपण हो सका। यह दूसरा ऐसा मामला है, जब बाल रोग विभाग की टीम ने स्टेम सेल प्रत्यारोपण किया है।
बलिया निवासी नौ साल के बच्चे को परिजन पांच दिसंबर को बीएचयू बाल रोग विभाग मेें दिखाने आये थे। यहां जांच के बाद उसका इलाज शुरू हुआ और चिकित्सकों ने स्टेम सेल प्रत्यारोपण का फैसला लिया। टीम का नेतृत्व कर रही प्रो. विनीता गुप्ता ने बताया कि 40 दिन तक भर्ती रहने के दौरान बच्चे की ग्रन्थि कैंसर को खत्म करने के लिए पहले कीमोथेरेपी दी गई। इसके बाद उसी के रक्त से स्टेम सेल कोशिकाओं को निकाला गया।
बताया कि अतिरिक्त कीमोथेरेपी देकर पहले से एकत्र स्टेम सेल कोशिकाओं को 23 दिसंबर को प्रत्यारोपित किया गया। लगभग सात दिनों के बाद नई कोशिकाएं बनने लगीं एवं धीरे-धीरे उसका ल्यूकोसाईट काउंट (जो कि लगभग शून्य हो गया था) बढ़कर सामान्य हो गया। बताया कि फरवरी 2020 में पहली सफलता के बाद अब यह दूसरी सफलता है। अब यही प्रयास किया जा रहा है कि धन के अभाव में किसी भी बच्चे का इलाज न रुके और उसे बीएचयू में ही बेहतर सुविधाएं देकर इलाज किया जाए।
प्रत्यारोपण में रहा इनका विशेष सहयोग
प्रो. विनीता गुप्ता ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान के लिए यह निश्चित ही एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। यहां आने वाले पूर्वांचल, उत्तरी बिहार, छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश इत्यादि की जनता को मिलेगा। इस प्रत्यारोपण में बाल रोग विभाग की तरफ से डॉ. प्रियंका अग्रवाल, डॉ. विद्या सौरभ एवं उनकी रेंजिडेंट डॉक्टरों की टीम के साथ ही ब्लड बैक की तरफ से डॉ. संदीप कुमार, डॉ. एसके सिंह, एवं डॉ. दिनेश सिंह शामिल रहे। बताया कि निदेशक प्रो. बीआर मित्तल के निर्देशन में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर में इस तरह की सेवाएं मिलती रहेंगी।