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Subhash Chandra Bose Birthday: काशी की गुप्त यात्रा पर कई बार आए थे नेताजी, बंगाली ड्योढी में रहते थे मौसी-मौसा

Sun, 23 Jan 2022 03:26 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 23 Jan 2022 03:26 PM IST
सार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का काशी से गहरा रिश्ता रहा है। नेताजी के दिमाग में काशी के लिए कई सारी योजनाएं थीं। उस दौर में वे बनारस के बुनकरों को बिजली उपलब्ध कराना चाहते थे।

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Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: Netaji had come many times on secret visit to Kashi his Aunt-Mousa lived in Bengali Deodhi
नेताजी सुभाष चंद्र बोस

विस्तार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का काशी से गहरा नाता थे। नेताजी के मौसी और मौसा बंगाली ड्योढ़ी में रहते थे। उनके मौसा बैरिस्टर थे। नेताजी जी कई बार काशी की गुप्त यात्रा पर आए थे और काशी को लेकर उनके दिलो-दिमाग में कई योजनाएं थीं। बीएचयू के भारत कला भवन में नेताजी से जुड़ी कई स्मृतियां आज भी संग्रहीत हैं।

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नेताजी के मौसी के प्रपौत्र वीरभद्र मित्रा ने बताया कि नेताजी का नारा था इत्तहाद, एकता, ऐतमाद, विश्वास, इतिमिदाद और बलिदान। उन्होंने गांधीजी को राष्ट्रपिता का संबोधन दिया था। वह बहुत दूरदर्शी थी थे एक पत्र में जिक्र मिलता है कि नेताजी ने गांधी जी से कहा था कि आप बंटवारे की बात मत मानिए नहीं तो आने वाले समय में इसी आधार पर सिखिस्तान, गढ़वालिस्तान की मांग उठने लगेगी।

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वीरभद्र मित्रा ने बताया कि भारत कला भवन में आजाद हिंद फौज का रुपया, मालवीय जी को नेताजी द्वारा लिखा हुआ पत्र संग्रहित करके रखा गया है। वीरभद्र मित्रा ने बताया कि नेताजी दो बार बंगाली ड्योढ़ी आए थे और बेहद गोपनीय तरीके से दो दिन निवास किया और फिर चले गए। काशी में वह कई बार गोपनीय तरीके से आए थे। बहुत कम लोगों को पता है कि नेताजी की बहन उर्मिला देवी की शादी गोरखपुर के राय परिवार में हुई थी। नेताजी के बहनोई चिकित्सक थे।

बुनकरों को देना चाहते थे बिजली
नेताजी के दिमाग में काशी के लिए कई सारी योजनाएं थीं। उस दौर में वे बनारस के बुनकरों को बिजली उपलब्ध कराना चाहते थे। उनका कहना था कि यदि बनारस के बुनकरों को बिजली उपलब्ध कराई जाए तो हम मैनचेस्टर को वस्त्र निर्यात कर सकते हैं। उनका कहना था कि हर देश अपना हित चाहता है और हमें अपने हितों के अनुसार काम करना होगा।

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