फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Students suffering for the mistake of Kashi Vidyapeeth

गलती काशी विद्यापीठ की, भुगत रहीं छात्राएं

Wed, 12 Apr 2017 01:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 12 Apr 2017 01:41 AM IST
विज्ञापन
धीरेंद्र महिला पीजी कॉलेज में बीवॉक में गलत तरीके से दाखिला लेने और परीक्षा न कराने के आरोपों पर कॉलेज प्रबंधन ने काशी विद्यापीठ की गलती बताई है। मंगलवार को प्राचार्या डॉ. नलिनी मिश्रा, बीवॉक समन्वयक हेमंत सिंह, लीगल एडवाइजर अशोक तिवारी ने प्रेसवार्ता में कहा कि परीक्षा कराने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की है। विश्वविद्यालय की गलती का खामियाजा कॉलेज और छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन

 


 बताया कि यूजीसी से 31 जुलाई, 2015 को कॉलेज को बीवॉक की मान्यता मिली। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय को सूचना दी और प्रथम सेमेस्टर में छात्राओं का दाखिला लेकर अगस्त से कक्षाएं चलाई गई। नियमानुसार परीक्षा दिसंबर, 2015 में होनी चाहिए थी, जबकि विश्वविद्यालय ने एक जुलाई, 2016 को परीक्षा फार्म भरवाकर अक्तूबर, 2016 में परीक्षा कराई। विश्वविद्यालय ने एक तो देरी से परीक्षा कराई, दूसरे सात माह बीतने को है, अभी तक प्रथम सेमेस्टर का परिणाम जारी नहीं हुआ। उधर 2016-17 में हुए प्रथम सेमेस्टर में भी जुलाई में दाखिला लेकर पढ़ाई शुरू करा दी गई और अब तक इनकी भी परीक्षा नहीं कराई है।

विज्ञापन

 


विश्वविद्यालय की इस लापरवाही से छात्राओं का सेमेस्टर पिछड़ गया। जबकि परीक्षा के लिए दर्जनों पत्र विश्वविद्यालय को दिए गए। फीस वापसी के सवाल पर कॉलेज प्रबंधन ने कहा, कोर्स में प्रवेश-पढ़ाई के बाद फीस वापसी का प्रावधान नहीं है। अब परीक्षा की समय सारिणी जारी हुई है। छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed