बीएचयू: भगवान राम की जगह अपनी तस्वीर लगाने वाले शिक्षक के विरोध में उतरे छात्र, केंद्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन, थाने में दी तहरीर
छात्रों का कहना है कि इस तरह के कृत्य से जहां धार्मिक भावना आहत होती है, वहीं विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है। ऐसे लोगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई होना जरूरी है।
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बीएचयू के दृश्य कला संकाय में एक शिक्षक द्वारा भगवान श्रीराम की तस्वीर में अपना चेहरा लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को छात्रों के एक गुट ने संकाय प्रमुख का घेराव कर हंगामा किया। वहीं एक अन्य गुट ने केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर घटना के विरोध में प्रदर्शन किया।
छात्रों ने मामले में जिम्मेदार शिक्षक के इस कृत्य को निंदनीय बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दृश्य कला संकाय के मृर्तिकला विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर ने कला वीथिका में लगी प्रदर्शनी में प्रभु श्रीराम की तस्वीर की जगह अपना चेहरा लगा दिया था।
यहीं नहीं माता सीता की तस्वीर पर भी एक महिला का चेहरा लगा दिया था। मामले की जानकारी के बाद से ही छात्र नाराज हो गए। केंद्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन कर छात्रों ने कुलपति से संबंधित शिक्षक को तत्काल निलंबित करते हुए मामले की जांच कराने की मांग पर अड़े रहे।
इसको लेकर वह कुलपति से मिलना चाह रहे थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीसी कॉपरी ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने तत्काल शिक्षक पर कार्रवाई की मांग की। चीफ प्रॉक्टर ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर छात्र माने। इस दौरान छात्र मृत्युंजय तिवारी आजादी, अधोक्षज पांडेय, पतंजलि पांडेय, अभिषेक सिंह, वैभव तिवारी, उत्कर्ष द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
छात्रों ने दी लंका थाने में तहरीर
भगवान राम की तस्वीर की जगह अपना चेहरा लगाने वाले शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए छात्रों ने लंका थाने में तहरीर देकर गिरफ्तारी की मांग की है। छात्रों के एक समूह ने दृश्य कला संकाय पहुंचकर वहां विरोध में जमकर हंगामा मचाया। छात्रों का कहना है कि इस तरह के कृत्य से जहां धार्मिक भावना आहत होती है, वहीं विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है।
ऐसे लोगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई होना जरूरी है। विश्वविद्यालय में लगातार कुछ समय से सनातन धर्म के आराध्य , मूल प्रतीकों व मान्यताओं व मूल्यों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ रहता है।