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फीस वसूली का आरोप, सड़क पर उतरीं छात्राएं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jan 2015 02:35 AM IST
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वाराणसी। सुधाकर महिला पीजी कालेज की छात्राओं ने मंगलवार को कालेज प्रबंधन पर अधिक फीस लेने का आरोप लगाते हुए पांडेयपुर चौराहे पर जाम लगाया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ नोंकझोंक भी हुई। वहीं, कालेज के प्राचार्य ने छात्राओं के आरोप को निराधार बताया है।
सुबह करीब दस बजे स्नातक की छात्राएं कालेज से नारेबाजी करते हुए पांडेयपुर चौराहे पर पहुंची और सड़क पर धरना देकर प्रदर्शन करने लगीं। इससे आवागमन बाधित हो गया। छात्राओं का कहना था कि पिछले साल परीक्षा फीस 500 रुपये ली गई थी लेकिन इस बार एक हजार रुपये जमा करने के कहा जा रहा है। साथ ही उनका आरोप था कि पूरी फीस न देने पर कालेज प्रशासन परीक्षा से वंचित करने
की धमकी दे रहा है। इससे चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे लिखित आश्वासन पर अड़ी रहीं। इस दौरान पुलिस और छात्राओं ने नोंकझोंक भी हुई। दूसरी ओर, कालेज के प्राचार्य डॉ. प्रभु नारायन दूबे ने अधिक फीस मांगने के आरोप को गलत बताया। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित परीक्षा फीस 996 रुपये ही जमा कराया जा रहा है, जिसकी रसीद छात्राओं को दी जा रही है।
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सुबह करीब दस बजे स्नातक की छात्राएं कालेज से नारेबाजी करते हुए पांडेयपुर चौराहे पर पहुंची और सड़क पर धरना देकर प्रदर्शन करने लगीं। इससे आवागमन बाधित हो गया। छात्राओं का कहना था कि पिछले साल परीक्षा फीस 500 रुपये ली गई थी लेकिन इस बार एक हजार रुपये जमा करने के कहा जा रहा है। साथ ही उनका आरोप था कि पूरी फीस न देने पर कालेज प्रशासन परीक्षा से वंचित करने
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की धमकी दे रहा है। इससे चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे लिखित आश्वासन पर अड़ी रहीं। इस दौरान पुलिस और छात्राओं ने नोंकझोंक भी हुई। दूसरी ओर, कालेज के प्राचार्य डॉ. प्रभु नारायन दूबे ने अधिक फीस मांगने के आरोप को गलत बताया। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित परीक्षा फीस 996 रुपये ही जमा कराया जा रहा है, जिसकी रसीद छात्राओं को दी जा रही है।
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