धरने पर बैठे आयुर्वेद संकाय BHU के छात्र: स्नातकोत्तर की सीट बढ़ाने की कर रहे मांग, VC आवास पर प्रदर्शन
स्नातकोत्तर की सीट बढ़ाने की मांग को लेकर आयुर्वेद संकाय बीएचयू के छात्रों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। कहा कि 15 साल से पीजी की सीटें बढ़ाने की मांग की जा रही है। मगर, बीएचयू प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) आयुर्वेद संकाय में शुक्रवार को स्नातकोत्तर की सीट बढ़ाने के लिए छात्र कुलपति आवास पर धरने पर बैठ गए। कुलपति ने छात्रों से मुलाकात नहीं की। सुरक्षा अधिकारियों ने जब उन्हें हटाने का प्रयास किया तो हल्की नोकझोंक भी हुई। छात्रों का कहना था कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी वह धरने पर बैठे रहेंगे। अधिकारियों व शिक्षकों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र डटे रहे।
छात्रों का कहना है कि 15 साल से पीजी की सीटें बढ़ाने की मांग की जा रही है। मगर, बीएचयू प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले रहा है। पिछले दो साल से कई बार विरोध-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंप चुके हैं। बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रहा है।
अन्य विभागों के लिए बजट, आयुर्वेद संकाय के लिए क्यों नहीं
जब भी सीटें बढ़ाने की बात की जाती है तो तर्क दिया जाता है कि बजट नहीं है। छात्रों ने सवाल किया कि अन्य विभागों के लिए बजट है, आयुर्वेद संकाय के लिए क्यों नहीं है। आयुर्वेद संकाय के डीन प्रो. केएन द्विवेदी कुलपति आवास पहुंचे और छात्रों को समझाकर धरना समाप्त कराने की कोशिश की।
डीन ने छात्रों से 31 अक्तूबर तक धरना समाप्त करने और मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। छात्रों ने कहा कि साइट पर आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर ही है। यदि हम धरना समाप्त कर देते हैं तो पुरानी सीटों के आधार पर ही दाखिले की प्रक्रिया चलाई जाएगी।