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तुलसी घाट पर आयोजित हुआ गंगा प्रदूषण के प्रति जनजागृति के लिए छात्र-युवा सम्मेलन
Wed, 20 Nov 2019 05:01 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 20 Nov 2019 05:01 PM IST
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गंगा प्रदूषण को दूर करने के लिए जनजागृति की आवश्यकता जताई गई
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में संकट मोचन फाउंडेशन और ओज ग्रीन ऑस्ट्रेलिया के तत्वावधान में तुलसी घाट पर आयोजित स्वच्छ गंगा कम्युनिटी संगम में गंगा प्रदूषण को दूर करने के लिए जनजागृति की आवश्यकता जताई गई। इस दौरान आयोजित छात्र-युवा सम्मेलन का आरंभ द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो विश्वंभरनाथ नाथ मिश्र ने कहा कि यह कार्यक्रम वर्ष 1982 में हुआ था। पर्यावरण के प्रति संवेदना उस समय उतनी नहीं थी जितनी आज है। लोगों ने कहा कि इसके लिए वाराणसी को एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
अध्यक्षता करते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष महंत प्रो विश्वंभरनाथ मिश्र ने कहा कि गंगा कभी प्रदूषित नहीं हो सकती हैं। यदि गंगा में प्रवाह रहेगा तो गंगा खुद ही निर्मल हो जाएंगी। इस दौरान प्रो. एसएन उपाध्याय, सुलेनक्स, एली ट्वीट्स, कैथरीन पोर्टर आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर गीतकार हरिराम द्विवेदी ने अपने प्रसिद्ध गंगा गीत प्रस्तुत किया। स्वागत डॉ. विजय नाथ मिश्र ने किया।
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संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो विश्वंभरनाथ नाथ मिश्र ने कहा कि यह कार्यक्रम वर्ष 1982 में हुआ था। पर्यावरण के प्रति संवेदना उस समय उतनी नहीं थी जितनी आज है। लोगों ने कहा कि इसके लिए वाराणसी को एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
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अध्यक्षता करते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष महंत प्रो विश्वंभरनाथ मिश्र ने कहा कि गंगा कभी प्रदूषित नहीं हो सकती हैं। यदि गंगा में प्रवाह रहेगा तो गंगा खुद ही निर्मल हो जाएंगी। इस दौरान प्रो. एसएन उपाध्याय, सुलेनक्स, एली ट्वीट्स, कैथरीन पोर्टर आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर गीतकार हरिराम द्विवेदी ने अपने प्रसिद्ध गंगा गीत प्रस्तुत किया। स्वागत डॉ. विजय नाथ मिश्र ने किया।
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