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गैर मान्यता प्राप्त कोर्स बंद करें विद्यार्थियों का पैसा भी लौटाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 08 Apr 2017 02:07 AM IST
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जिला प्रशासन ने संतुष्टि कालेज ऑफ नर्सिंग में इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) एवं यूपी मेडिकल नर्सिंग फैकल्टी की अनुमति के बिना एएनएम एवं जेएनएम पाठ्यक्रम तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। मामले में कॉलेज प्रबंधन को प्रभावित छात्र-छात्राओं को जमा की गई फीस को ब्याज सहित वापस करने का निर्देश भी दिया गया है। साथ ही संस्थान के निदेशक से स्पष्ट कहा गया है कि सत्र समाप्त होने तक किसी भी छात्र-छात्राओं को छात्रावास से बाहर रहने के लिए विवश न किया जाए। एसएसपी को हिदायत दी गई है कि यदि इस प्रकरण में आपराधिक मामला बनता हो, तो एफआईआर दर्ज कराई जाए। उधर, कॉलेज के निदेशक डॉ. संजय गर्ग ने कहा है कि सभी कोर्स बंद कर दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा कॉलेज में एएनएम एवं जेएनएम ट्रेनिंग के नियम विरुद्ध संचालन शिकायत की थी। अपर जिलाधिकारी नगर एवं मुख्य चिकित्साधिकारी से संयुक्त जांच कराई थी। इसमें एएनएम एवं जेएनएम इंडियन नर्सिंग काउंसिल एवं यूपी मेडिकल नर्सिंग फैकल्टी से अनुमोदित नहीं पाया गया। इस मामले को लेकर छात्र-छात्राओं ने कई दिन तक प्रदर्शन किया था। आंदोलित छात्र-छात्राएं लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे। इसके बाद प्रशासन मामले की जांच कराने को मजबूर हुआ था।
उधर, कॉलेज के निदेशक डॉ. संजय गर्ग ने दावा किया कि डीएम से बातचीत के दौरान सिंहानिया यूनिवर्सिटी राजस्थान से संबंधित कोर्स की मान्यता न मिलने की बात कही गई थी। दो साल पहले समझौते के समय ही विश्वविद्यालय ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता दिलाने को कहा था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। विश्वविद्यालय ने उनके साथ धोखा किया है। विश्वविद्यालय को लीगल नोटिस भेजा जाएगा।
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जिलाधिकारी ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा कॉलेज में एएनएम एवं जेएनएम ट्रेनिंग के नियम विरुद्ध संचालन शिकायत की थी। अपर जिलाधिकारी नगर एवं मुख्य चिकित्साधिकारी से संयुक्त जांच कराई थी। इसमें एएनएम एवं जेएनएम इंडियन नर्सिंग काउंसिल एवं यूपी मेडिकल नर्सिंग फैकल्टी से अनुमोदित नहीं पाया गया। इस मामले को लेकर छात्र-छात्राओं ने कई दिन तक प्रदर्शन किया था। आंदोलित छात्र-छात्राएं लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे। इसके बाद प्रशासन मामले की जांच कराने को मजबूर हुआ था।
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उधर, कॉलेज के निदेशक डॉ. संजय गर्ग ने दावा किया कि डीएम से बातचीत के दौरान सिंहानिया यूनिवर्सिटी राजस्थान से संबंधित कोर्स की मान्यता न मिलने की बात कही गई थी। दो साल पहले समझौते के समय ही विश्वविद्यालय ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता दिलाने को कहा था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। विश्वविद्यालय ने उनके साथ धोखा किया है। विश्वविद्यालय को लीगल नोटिस भेजा जाएगा।
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