काका गिरोह का गुर्गा गिरफ्तार: एसटीएफ ने मऊ से 25 हजार के इनामी बदमाश को दबोचा, गंभीर आरोपों में दर्ज हैं 29 मुकदमे
जेल में बंद रमेश सिंह काका के खास गुर्गे अरविंद सिंह पर पंचायत चुनाव के दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। एसटीएफ वाराणसी इकाई ने बुधवार अरविंद सिंह को मऊ से गिरफ्तार कर लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एसटीएफ ने बुधवार को 25 हजार इनामी बदमाश अरविंद सिंह को सरायलखंसी थाना स्थित बढु़आगोदाम के पास से गिरफ्तार किया। पूर्वांचल के बदमाश रमेश सिंह काका के खास गुर्गे अरविंद सिंह पर पंचायत चुनाव के दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। एसटीएफ के अनुसार अरविंद पर हत्या, हत्या के प्रयास सहित 29 मुकदमे दर्ज हैं।
वाराणसी, मऊ और जौनपुर में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। एसटीएफ वाराणसी निरीक्षक पुनीत परिहार के अनुसार बीते ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान सरायलखंसी थाना अंतर्गत पखईपुर निवासी अरविंद सिंह के ऊपर सरायलखंसी थाने में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज था।
वांछित अरविंद पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। पूछताछ के दौरान अरविंद ने बताया कि उसके गांव के बगल का ही रमेश सिंह उर्फ काका रहने वाला है, उसके संपर्क में आकर मऊ, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर में कई घटनाओं को अंजाम दिया।
पढ़ेंः नीट सॉल्वर गैंग: भगोड़ा घोषित दो आरोपियों के घर बजी कुर्की की डुगडुगी, अब तक 15 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
रमेश सिंह काका के इशारे पर करता रहा वारदात
पूछताछ के दौरान बताया कि 2007 में रमेश सिंह काका के इशारे पर आपसी रंजिश के कारण गाजीपुर थाना दुल्ल्हपुर स्थित जसड़ा निवासी अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव का अपहरण कर हत्या कर दिया था। जेल से छूटकर आने के बाद जिला पंचायत सदस्य महेन्द्र कुमार से विवाद हो गया था, जिसमें थाना कोतवाली मऊ में एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था।
वर्ष 2009 में जनपद मऊ के कृषि अनुसंधान केन्द्र कुसमौर के निदेशक से रमेश सिंह उर्फ काका और हम लोगों का विवाद हो गया था। इसमें रमेश सिंह उर्फ काका पर रासुका लगा और इसमें हम लोग फिर से जेल चले गए।
इसके बाद जमानत पर छूटकर आने के बाद रमेश सिंह उर्फ काका के कहने पर जनपद जौनपुर का अपराधी राहुल राजपूत हम लोगों के साथ रहने लगा। राहुल राजपूत और हम लोगों द्वारा कई व्यापारियों को धमका कर रंगदारी वसूलने का काम किया जा रहा था कि इसी दौरान मुझे और राहुल राजपूत को जौनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पढ़ें: एसटीएफ का जवान बताकर ले भागे अंगूठी और चेन: वाराणसी में बैंक कैशियर के साथ टप्पेबाजी, पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज