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बनारस में इनामी बदमाश रामाश्रय यादव को एसटीएफ ने दबोचा, न्यायिक अभिरक्षा से था फरार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 29 Oct 2017 08:20 PM IST
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रामाश्रय यादव
- फोटो : अमर उजाला
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कैंट थाना अंतर्गत पंचवटी लॉन के समीप शनिवार की रात मुठभेड़ के बाद एसटीएफ ने न्यायिक अभिरक्षा से फरार मऊ जिले के मधुबन क्षेत्र के परसिया जयरामगिरी गांव निवासी 12 हजार के इनामी बदमाश रामाश्रय यादव को गिरफ्तार किया है।
रामाश्रय के पास से .32 बोर की पिस्टल, तीन कारतूस, एक बाइक, नेपाल और भारतीय सिम, नेपाली मुद्रा और फर्जी डीएल, आधार कार्ड व मतदाता परिचय पत्र बरामद हुआ है। रामाश्रय पर एसपी रेलवे गोरखपुर ने पांच हजार का पुरस्कार घोषित किया था। साथ ही, 50 हजार के पुरस्कार की संस्तुति की थी।
रामाश्रय को कैंट पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बीते साल 23 अगस्त को रामाश्रय को पेशी पर मुरादाबाद से देवरिया ले जाया गया था। अगली पेशी के लिए उसके आजमगढ़ जेल निरुद्ध किया जाना था।
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इसी दौरान रामाश्रय बलिया रेलवे स्टेशन पर सिपाहियों को चकमा देकर भाग निकला था। एसटीएफ की वाराणसी इकाई के सीओ विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में सर्विलांस से पता लगा कि रामाश्रय ने मुंबई, इलाहाबाद, वाराणसी, कुशीनगर, देवरिया और नेपाल में अपने छुपने का ठिकाना बना रखा है।
28 अक्तूबर की रात सूचना मिली कि रामाश्रय पंचवटी लॉन के समीप अपने साथियों से मिलने आना वाला है। इस सूचना पर टीम ने घेरेबंदी की। रामाश्रय के सामने आते ही उसे रुकने का इशारा किया गया तो उसने दो राउंड फायरिंग की लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद वह दबोच लिया गया।
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रामाश्रय के पास से .32 बोर की पिस्टल, तीन कारतूस, एक बाइक, नेपाल और भारतीय सिम, नेपाली मुद्रा और फर्जी डीएल, आधार कार्ड व मतदाता परिचय पत्र बरामद हुआ है। रामाश्रय पर एसपी रेलवे गोरखपुर ने पांच हजार का पुरस्कार घोषित किया था। साथ ही, 50 हजार के पुरस्कार की संस्तुति की थी।
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रामाश्रय को कैंट पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बीते साल 23 अगस्त को रामाश्रय को पेशी पर मुरादाबाद से देवरिया ले जाया गया था। अगली पेशी के लिए उसके आजमगढ़ जेल निरुद्ध किया जाना था।
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इसी दौरान रामाश्रय बलिया रेलवे स्टेशन पर सिपाहियों को चकमा देकर भाग निकला था। एसटीएफ की वाराणसी इकाई के सीओ विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में सर्विलांस से पता लगा कि रामाश्रय ने मुंबई, इलाहाबाद, वाराणसी, कुशीनगर, देवरिया और नेपाल में अपने छुपने का ठिकाना बना रखा है।
28 अक्तूबर की रात सूचना मिली कि रामाश्रय पंचवटी लॉन के समीप अपने साथियों से मिलने आना वाला है। इस सूचना पर टीम ने घेरेबंदी की। रामाश्रय के सामने आते ही उसे रुकने का इशारा किया गया तो उसने दो राउंड फायरिंग की लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद वह दबोच लिया गया।
फरारी के दौरान कई वारदातों को दिया अंजाम
यूपी पुलिस
- फोटो : SELF
रामाश्रय यादव ने पूछताछ में बताया कि फरार होते ही वह बलिया से बक्सर पहुंचा और फिर मुंबई चला गया। मुंबई के गोरेगांव में कुछ दिन रहने के बाद वह कुशीनगर के किन्नर पट्टी स्थित एक पूर्व सांसद के फार्म हाउस पर रहने लगा।
इस दौरान उसने देवरिया के सलेमपुर में पेट्रोल पंप और मऊ जिले के घोसी के स्वर्ण आभूषण कारोबारी को लूटा। इसके बाद गोरखपुर के तारामंडल स्थित डॉ. शिवशंकर शाही से रामाश्रय के नाम पर उसके दोस्त संजय यादव ने पांच लाख की रंगदारी मांगी।
उसे अपने दुश्मन राजेश यादव की हत्या करनी थी इसीलिए वह नेपाल से चरस और हेरोइन लाकर मुंबई में अपने साथियों के माध्यम से बेचवाता था। रामाश्रय यादव ने अपने सारे फर्जी परिचय पत्र राज कोकिल के नाम से बनवा रखे थे।
बताया कि जेल में रहने के दौरान बंदी ज्ञान सिंह से दोस्ती हुई तो उसी ने सारे फर्जी परिचय पत्र तैयार कराए। रामाश्रय ने बताया कि मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर और गोरखपुर में उसने हत्या और लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया है।
इस दौरान उसने देवरिया के सलेमपुर में पेट्रोल पंप और मऊ जिले के घोसी के स्वर्ण आभूषण कारोबारी को लूटा। इसके बाद गोरखपुर के तारामंडल स्थित डॉ. शिवशंकर शाही से रामाश्रय के नाम पर उसके दोस्त संजय यादव ने पांच लाख की रंगदारी मांगी।
उसे अपने दुश्मन राजेश यादव की हत्या करनी थी इसीलिए वह नेपाल से चरस और हेरोइन लाकर मुंबई में अपने साथियों के माध्यम से बेचवाता था। रामाश्रय यादव ने अपने सारे फर्जी परिचय पत्र राज कोकिल के नाम से बनवा रखे थे।
बताया कि जेल में रहने के दौरान बंदी ज्ञान सिंह से दोस्ती हुई तो उसी ने सारे फर्जी परिचय पत्र तैयार कराए। रामाश्रय ने बताया कि मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर और गोरखपुर में उसने हत्या और लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया है।