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पांच वर्ष में बदल गया प्रदेश : मनोज सिन्हा
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सहरमाडीह में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को स्मृति चिन्ह भेंट करते लोग। संवाद
- फोटो : GHAZIPUR
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उत्तर प्रदेश में पिछले पांच वर्ष में बड़ा बदलाव आया है। जो चारों तरफ दिखाई पड़ रहा है। बेरोजगारी की दर 17 से 4 फीसदी रह गई है। निवेश में 57वें स्थान से प्रदेश दूसरे स्थान पर पहुंच गया। कभी बीमारू राज्य के रूप में गिना जाने वाला यूपी नीति आयोग की रैंकिंग में अपना स्थान बना रहा है। प्रदेश में दिशाहीनता का माहौल पहली बार समाप्त हुआ है। अनेक वर्षों तक विकास की कतार में खड़े आखिरी लोगों के लिए सिर्फ नारेबाजी हुई उनको फायदा पहुंचाने की कोशिश नहीं की गई। यह बात जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र बयेपुर देवकली में उत्थान फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से आयोजित गोष्ठी में कही।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद नये भारत का विकास हो रहा है। इस भारत में धार्मिक विरासत और आध्यात्मिक ताकत भी होगी। दुनिया में भारत की पहचान बौद्धिक क्षमता के कारण ही रही है। वहीं पुरखों के पराक्रम को भुला देने वाला समाज कभी आगे नहीं बढ़ता। जम्मू कश्मीर का पुंछ क्षेत्र एक आदिवासी महिला की भूमिका से देश का अभिन्न हिस्सा बन पाया। उनकी अदम्य वीरता को क्षेत्र के लोग गौरव से याद करते हैं।
मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद समाप्त हो रहा और हालात सुधर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर दूसरे क्षेत्र में घुसकर भी कार्रवाई की गई। आजादी के बाद से अगर पूर्ववर्ती सरकारों ने सीमावर्ती राज्यों पर ध्यान दिया होता तो आज ये हालात नहीं होते। वर्ष 2014 के बाद जम्मू-कश्मीर में जो बदलाव हुआ है, उसे देश-दुनिया के लोग देख रहे हैं। वहां भूटान, हिमाचल, अरुणाचल प्रदेश की तरह डेढ़ वर्ष से 35 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। आगामी पांच वर्षों में 3600 मेगावाट बिजली का उत्पादन और बढ़ेगा। अब जम्मू-कश्मीर के 90 फीसदी किसानों की आमदनी दोगुनी हो गई है।
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उन्होंने कहा कि मेरे मन में गाजीपुर के लिए शांति, सौहार्द, संपन्नता, सामाजिक न्याय और विकास की ज्योति अभी भी जलती है। आपको टेलीविजन और सोशल मीडिया पर जो आवाज सुनाई पड़ती है वो असल में गाजीपुर का गर्जन है। दिल्ली, जम्मू, कश्मीर या कहीं भी रहूं मेरे दिल में गाजीपुर की चिंगारी जलती है। मैं प्रधानमंत्री का सिपाही बनकर निष्ठा और क्षमता से कार्य कर रहा हूं। मेरे लिए इससे बड़ा कोई परिचय नहीं है।
किनवार कीर्ति स्तंभ का किया उद्घाटन
गाजीपुर/दुबिहां। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को सहरमाडीह में किनवार कीर्ति स्तंभ का उद्घाटन करने के बाद आयोजित जनसभा में कहा कि कश्मीर अब भारत का अंग है। यदि आजादी के बाद सीमावर्ती राज्यों पर ध्यान दिया जाता तो ऐसे हालात नहीं होते। उनका भी विकास होता।
उन्होंने किनवार वंश के उत्पत्ति स्थल पर हुए कार्य की काफी सराहना की। इस मौके पर संरक्षक इंजीनियर अरविंद राय ने कहा कि यह स्थान किनवार वंश की उत्पत्ति स्थल रही है जो जीर्ण हो चुकी थी। हम लोग आते थे तो देखकर अच्छा नहीं लगता था। हमने संकल्प लिया कि जैसे भी होगा इस स्थान को सुंदर तरीके से बनवा दिया जाए। पूर्वजों के आशीर्वाद और सहयोगियों की कर्तव्यनिष्ठा से यह संकल्प आज पूरा हुआ।
इस मौके पर विधायक अलका राय, कृष्ण विहारी राय, भाजपा जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, डॉ. मांधाता राय, विजयशंकर राय, प्रोफेसर आनंदशंकर राय, प्रोफेसर अमरनाथ राय, डॉ. राजेन्द्र राय, राजेश राय पप्पू, पशुपति नाथ राय, वीरेंद्र राय, आनंद राय, पीयूष राय, राजेश राय, पिंटू, हिमांशु, हर्ष, पंकजराय, कृष्णानंद आदि उपस्थित रहे।
भावुक हो गए सिन्हा, कहा-गाजीपुर ही मेरी गंगोत्री
पैतृक निवास पर पहुंचे मनोज सिन्हा अपनों को देख भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल भले ही हो लेकिन अभी भी उनका लगाव गाजीपुर के लोगों से है। गाजीपुर के विकास और यहां के लोगों के बारे में उनकी चिंता अभी भी है। किसी स्थान की भौगोलिक व्याख्या जल, थल, नभ और जड़, चेतन तत्वों से की जाती है, लेकिन मेरी पहचान का सिर्फ एक ही तत्व है गाजीपुर। देश-विदेश का रास्ता जो भी हो मंजिलें चाहे जो भी आएं, मेरा उद्गम, मेरी गंगोत्री गाजीपुर ही है। उन्होंने बताया की बहुत लोगों ने मुझे यहीं रहने को कहा। हमने कहा कि मैं तो गाजीपुर का हूं यहां के भाइयों का रहूंगा और जो कुछ है मेरा कुछ भी नही है ये सब यहां के नागरिकों का है।
कथा सुनी, बड़ों का लिया आशीर्वाद
गाजीपुर/मुहम्मदाबाद। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा शुक्रवार सुबह पैतृक गांव मोहनपुरा पहुंचे। उन्होंने कुलदेवता की पूजा की और सत्यनारायण की कथा सुनी। उप राज्यपाल बनने के बाद वह दूसरी बार अपने पैतृक निवास पहुंचे थे। मनोज सिन्हा ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और अन्य से आत्मीयता से मुलाकात की। इसके बाद हाटा गांव स्थित डीसीएफ के चेयरमैन विजय शंकर राय के आवास पर पहुंचे। इस मौके पर पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह, डीसीएफ के चेयरमैन विजय शंकर राय, ब्लाक प्रमुख अवधेश राय, विधायक प्रतिनिधि पीयूष राय, भांवरकोल के ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि आनंद राय, रजनीकांत राय, डॉ. ओमप्रकाश गिरि और कृपाशंकर राय मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद नये भारत का विकास हो रहा है। इस भारत में धार्मिक विरासत और आध्यात्मिक ताकत भी होगी। दुनिया में भारत की पहचान बौद्धिक क्षमता के कारण ही रही है। वहीं पुरखों के पराक्रम को भुला देने वाला समाज कभी आगे नहीं बढ़ता। जम्मू कश्मीर का पुंछ क्षेत्र एक आदिवासी महिला की भूमिका से देश का अभिन्न हिस्सा बन पाया। उनकी अदम्य वीरता को क्षेत्र के लोग गौरव से याद करते हैं।
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मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद समाप्त हो रहा और हालात सुधर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर दूसरे क्षेत्र में घुसकर भी कार्रवाई की गई। आजादी के बाद से अगर पूर्ववर्ती सरकारों ने सीमावर्ती राज्यों पर ध्यान दिया होता तो आज ये हालात नहीं होते। वर्ष 2014 के बाद जम्मू-कश्मीर में जो बदलाव हुआ है, उसे देश-दुनिया के लोग देख रहे हैं। वहां भूटान, हिमाचल, अरुणाचल प्रदेश की तरह डेढ़ वर्ष से 35 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। आगामी पांच वर्षों में 3600 मेगावाट बिजली का उत्पादन और बढ़ेगा। अब जम्मू-कश्मीर के 90 फीसदी किसानों की आमदनी दोगुनी हो गई है।
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उन्होंने कहा कि मेरे मन में गाजीपुर के लिए शांति, सौहार्द, संपन्नता, सामाजिक न्याय और विकास की ज्योति अभी भी जलती है। आपको टेलीविजन और सोशल मीडिया पर जो आवाज सुनाई पड़ती है वो असल में गाजीपुर का गर्जन है। दिल्ली, जम्मू, कश्मीर या कहीं भी रहूं मेरे दिल में गाजीपुर की चिंगारी जलती है। मैं प्रधानमंत्री का सिपाही बनकर निष्ठा और क्षमता से कार्य कर रहा हूं। मेरे लिए इससे बड़ा कोई परिचय नहीं है।
किनवार कीर्ति स्तंभ का किया उद्घाटन
गाजीपुर/दुबिहां। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को सहरमाडीह में किनवार कीर्ति स्तंभ का उद्घाटन करने के बाद आयोजित जनसभा में कहा कि कश्मीर अब भारत का अंग है। यदि आजादी के बाद सीमावर्ती राज्यों पर ध्यान दिया जाता तो ऐसे हालात नहीं होते। उनका भी विकास होता।
उन्होंने किनवार वंश के उत्पत्ति स्थल पर हुए कार्य की काफी सराहना की। इस मौके पर संरक्षक इंजीनियर अरविंद राय ने कहा कि यह स्थान किनवार वंश की उत्पत्ति स्थल रही है जो जीर्ण हो चुकी थी। हम लोग आते थे तो देखकर अच्छा नहीं लगता था। हमने संकल्प लिया कि जैसे भी होगा इस स्थान को सुंदर तरीके से बनवा दिया जाए। पूर्वजों के आशीर्वाद और सहयोगियों की कर्तव्यनिष्ठा से यह संकल्प आज पूरा हुआ।
इस मौके पर विधायक अलका राय, कृष्ण विहारी राय, भाजपा जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, डॉ. मांधाता राय, विजयशंकर राय, प्रोफेसर आनंदशंकर राय, प्रोफेसर अमरनाथ राय, डॉ. राजेन्द्र राय, राजेश राय पप्पू, पशुपति नाथ राय, वीरेंद्र राय, आनंद राय, पीयूष राय, राजेश राय, पिंटू, हिमांशु, हर्ष, पंकजराय, कृष्णानंद आदि उपस्थित रहे।
भावुक हो गए सिन्हा, कहा-गाजीपुर ही मेरी गंगोत्री
पैतृक निवास पर पहुंचे मनोज सिन्हा अपनों को देख भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल भले ही हो लेकिन अभी भी उनका लगाव गाजीपुर के लोगों से है। गाजीपुर के विकास और यहां के लोगों के बारे में उनकी चिंता अभी भी है। किसी स्थान की भौगोलिक व्याख्या जल, थल, नभ और जड़, चेतन तत्वों से की जाती है, लेकिन मेरी पहचान का सिर्फ एक ही तत्व है गाजीपुर। देश-विदेश का रास्ता जो भी हो मंजिलें चाहे जो भी आएं, मेरा उद्गम, मेरी गंगोत्री गाजीपुर ही है। उन्होंने बताया की बहुत लोगों ने मुझे यहीं रहने को कहा। हमने कहा कि मैं तो गाजीपुर का हूं यहां के भाइयों का रहूंगा और जो कुछ है मेरा कुछ भी नही है ये सब यहां के नागरिकों का है।
कथा सुनी, बड़ों का लिया आशीर्वाद
गाजीपुर/मुहम्मदाबाद। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा शुक्रवार सुबह पैतृक गांव मोहनपुरा पहुंचे। उन्होंने कुलदेवता की पूजा की और सत्यनारायण की कथा सुनी। उप राज्यपाल बनने के बाद वह दूसरी बार अपने पैतृक निवास पहुंचे थे। मनोज सिन्हा ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और अन्य से आत्मीयता से मुलाकात की। इसके बाद हाटा गांव स्थित डीसीएफ के चेयरमैन विजय शंकर राय के आवास पर पहुंचे। इस मौके पर पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह, डीसीएफ के चेयरमैन विजय शंकर राय, ब्लाक प्रमुख अवधेश राय, विधायक प्रतिनिधि पीयूष राय, भांवरकोल के ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि आनंद राय, रजनीकांत राय, डॉ. ओमप्रकाश गिरि और कृपाशंकर राय मौजूद रहे।