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मंडुवाडीह से जबलपुर के लिए साप्ताहिक ट्रेन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Sun, 07 Dec 2014 01:53 AM IST
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मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन से जबलपुर के लिए साप्ताहिक ट्रेन शनिवार को शुरू हो गई। प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित छन्नू लाल मिश्र ने गाड़ी संख्या 15117/15118 मंडुवाडीह-जबलपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन वाराणसी से इलाहाबाद और मैहर होते हुए जबलपुर जाएगी। वाराणसी से जबलपुर तक का 453 किलोमीटर का सफर 10:35 घंटे में पूरा करेगी। वाराणसी से जबलपुर का जनरल किराया 150 रुपये और स्लीपर किराया 250 रुपये है।
मंडुवाडीह से हर शनिवार को सुबह 8:25 बजे संचालित होने वाली इस ट्रेन की जबलपुर से वापसी रविवार को सुबह दस बजे होगी। मंडुवाडीह से प्रस्थान के बाद यह ज्ञानपुर रोड 9:31 बजे और इलाहाबाद जंक्शन 11:50 बजे पहुंचेगी। इसके जबलपुर पहुंचने का समय शाम 7 बजे निर्धारित है। इस बीच सतना, मैहर, कटनी, सिहोर रोड पर भी इसका ठहराव होगा। सप्ताह में तीन दिन चलने वाली बापू धाम एक्सप्रेस के रैक का इस्तेमाल कर यह ट्रेन चलाई जाएगी। इसमें साधारण द्वितीय श्रेणी के 6, शयनयान श्रेणी के 3, वातानुकूलित थ्री टियर श्रेणी का 1 कोच लगेगा। इसके अलावा एसएलआर/एसएलआरडी सहित कुल 12 कोच लगेंगे। उद्घाटन के मौके पर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के अलावा सदस्य विधान परिषद डॉ. केदार नाथ सिंह, महापौर राम गोपाल मोहले, विधायक श्यामदेव राय चौधरी, डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव, महाप्रबंधक मधुरेश कुमार, डीआरएम अजय विजयवर्गीय आदि मौजूद थे।
'नहीं होगा निगमीकरण'
वाराणसी। मंडुवाडीह-जबलपुर एक्सप्रेस का उद्घाटन करने रेल राज्य मंत्री मंडुवाडीह स्टेशन पर शनिवार को पहुंचे तो स्टेशन परिसर से सटी सड़क पर डीरेका के निगमीकरण के विरोध में जमकर नारे लगने शुरू हो गए। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा अपने संबोधन के दौरान कई बार इन नारों से विचलित भी हुए। उद्घाटन समारोह के बाद जब वह लौटने लगे तो डीएलडब्ल्यू मजदूर संघ, डीरेका कर्मचारी परिषद व अन्य रेल संगठनों ने उनके काफिले को भी रोकने की कोशिश की। इस पर वह विरोध कर रहे लोगों के बीच पहुंचे और आश्वस्त किया कि डीरेका का निगमीकरण नहीं होगा। हाई पावर रिस्ट्रक्चरिंग कमेटी ने डीरेका को निगम बनाने की संभावना व्यक्त की थी।
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महिलाएं-बच्चे भी विरोध में
वाराणसी। डीरेका के निगमीकरण का भय केवल कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी सताने लगा है। परिवार को मिलने वाली विभिन्न सुविधाएं जैसे पास, मेडिकल, शिक्षा आदि प्रभावित होगी तो उनके रहन-सहन के स्तर पर भी असर पड़ेगा। कर्मियों के घर की महिलाएं भी आंदोलन में कूद गईं हैं। शनिवार को महिलाओं ने डीरेका परिसर की गलियाेें में विरोध प्रदर्शन किया। निगमीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए शनिवार को रेल कर्मियों के घरों की महिलाओं और बच्चों ने डीरेका कॉलोनी में रोष रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। डीएडब्ल्यू बचाओ महिला मोर्चा का गठन कर उसके बैनर तले कंदवा गेट से आवासीय कालोनी परिसर तक रोष रैली निकाली।
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मंडुवाडीह से हर शनिवार को सुबह 8:25 बजे संचालित होने वाली इस ट्रेन की जबलपुर से वापसी रविवार को सुबह दस बजे होगी। मंडुवाडीह से प्रस्थान के बाद यह ज्ञानपुर रोड 9:31 बजे और इलाहाबाद जंक्शन 11:50 बजे पहुंचेगी। इसके जबलपुर पहुंचने का समय शाम 7 बजे निर्धारित है। इस बीच सतना, मैहर, कटनी, सिहोर रोड पर भी इसका ठहराव होगा। सप्ताह में तीन दिन चलने वाली बापू धाम एक्सप्रेस के रैक का इस्तेमाल कर यह ट्रेन चलाई जाएगी। इसमें साधारण द्वितीय श्रेणी के 6, शयनयान श्रेणी के 3, वातानुकूलित थ्री टियर श्रेणी का 1 कोच लगेगा। इसके अलावा एसएलआर/एसएलआरडी सहित कुल 12 कोच लगेंगे। उद्घाटन के मौके पर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के अलावा सदस्य विधान परिषद डॉ. केदार नाथ सिंह, महापौर राम गोपाल मोहले, विधायक श्यामदेव राय चौधरी, डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव, महाप्रबंधक मधुरेश कुमार, डीआरएम अजय विजयवर्गीय आदि मौजूद थे।
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'नहीं होगा निगमीकरण'
वाराणसी। मंडुवाडीह-जबलपुर एक्सप्रेस का उद्घाटन करने रेल राज्य मंत्री मंडुवाडीह स्टेशन पर शनिवार को पहुंचे तो स्टेशन परिसर से सटी सड़क पर डीरेका के निगमीकरण के विरोध में जमकर नारे लगने शुरू हो गए। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा अपने संबोधन के दौरान कई बार इन नारों से विचलित भी हुए। उद्घाटन समारोह के बाद जब वह लौटने लगे तो डीएलडब्ल्यू मजदूर संघ, डीरेका कर्मचारी परिषद व अन्य रेल संगठनों ने उनके काफिले को भी रोकने की कोशिश की। इस पर वह विरोध कर रहे लोगों के बीच पहुंचे और आश्वस्त किया कि डीरेका का निगमीकरण नहीं होगा। हाई पावर रिस्ट्रक्चरिंग कमेटी ने डीरेका को निगम बनाने की संभावना व्यक्त की थी।
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महिलाएं-बच्चे भी विरोध में
वाराणसी। डीरेका के निगमीकरण का भय केवल कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी सताने लगा है। परिवार को मिलने वाली विभिन्न सुविधाएं जैसे पास, मेडिकल, शिक्षा आदि प्रभावित होगी तो उनके रहन-सहन के स्तर पर भी असर पड़ेगा। कर्मियों के घर की महिलाएं भी आंदोलन में कूद गईं हैं। शनिवार को महिलाओं ने डीरेका परिसर की गलियाेें में विरोध प्रदर्शन किया। निगमीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए शनिवार को रेल कर्मियों के घरों की महिलाओं और बच्चों ने डीरेका कॉलोनी में रोष रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। डीएडब्ल्यू बचाओ महिला मोर्चा का गठन कर उसके बैनर तले कंदवा गेट से आवासीय कालोनी परिसर तक रोष रैली निकाली।