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काशी का अनोखा मंदिर: देश का इकलौता राम मंदिर, जहां सपत्नीक विराजते हैं चारों भाई; खास होता है राम जानकी विवाह
Sun, 17 Dec 2023 05:14 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 17 Dec 2023 05:14 PM IST
सार
रामनगर में लगभग 200 वर्ष पुराना जनकपुर मंदिर है, जहां चारों भाई सपत्नीक गर्भ गृह में विराजते हैं। यहां राम जानकी विवाह पंचमी पर काशीवासी घराती व बराती बनते हैं। खाजा, लड्डू, सहित वे सभी व्यंजन इस आयोजन का हिस्सा होते हैं जो अमूमन हम सबके घरों के विशेष अवसर पर आवश्यक रूप से बनते हैं।
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रामनगर स्थित जनकपुर मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लगभग 200 वर्ष पुराने रामनगर के जनकपुर मंदिर की बात ही अनोखी है। राम दरबार की पवित्र झांकी तो आपको हर कहीं सहज ही मिल जाएगी, लेकिन चारों भाइयों का सपत्नीक ऐसा संगम विश्व में दुर्लभ है। दावा है कि भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व में प्रभु श्रीराम का इकलौता ऐसा मंदिर है यह जहां चारों भाई सपत्नीक गर्भ गृह में विराजते हैं। गर्भगृह में प्रभु श्रीराम-जानकी के साथ भरत-मांडवी, लक्ष्मण-उर्मिला के साथ शत्रुघ्न-श्रुतिकीर्ति की जोड़ी नयनाभिराम है।
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किला परिवार के सदस्यों ने बताया कि मंदिर को और खास बनाता है यहां हर वर्ष आयोजित होने वाला राम जानकी विवाह। हिंदू पंचांग के अनुसार अगहन शुक्ल पक्ष पंचमी के दिन प्रभु राम और माता जानकी का विवाह संपन्न हुआ था। जनकपुर मंदिर में राम-जानकी सहित सभी भाइयों का विवाह धूम धाम से आयोजित किया जाता है। इस विवाह को पूरी तरह से खालिस मानवीय अंदाज में आयोजित किया जाता है।
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खाजा, लड्डू, बताशा, पूड़ी-सब्जी सहित वे सभी व्यंजन इस आयोजन का हिस्सा होते हैं जो अमूमन हम सबके घरों के विशेष अवसर पर आवश्यक रूप से बनते हैं। इन सबके बीच रामचरितमानस के बालकांड का रामविवाह की चौपाइयों का गायन इस अवसर को ऐसा बना देता है मानों कलयुग में साक्षात त्रेतायुग का अवतरण हो गया हो। इस अवसर पर रामनगर की पीएसी की टुकड़ी द्वारा प्रभु राम को सलामी भी दी जाती है जो प्रतीकात्मक रूप से प्रजा द्वारा राजा के सम्मान की बानगी है।
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