शिल्प प्रधान देश फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष के लिए काशी के अनोखे शिल्प से बेहतर और कोई उपहार नहीं हो सकता। काशी के हस्तशिल्पी उन्हें 12 मार्च को ऐसे ही तोहफे के तौर पर एंबलम और अंगवस्त्र भेंट करेंगे। आगे की स्लाइड्स में देखें...
वाराणसी के लल्लापुरा निवासी जरदोजी के मास्टर शिल्पी मुमताज़ अली ने एंबलम बनाया है। 48 घंटे में बनकर तैयार हुआ यह एंबलम फ्रांस का है। मुमताज़ अली और उनका परिवार भारत से लेकर विदेश की सेनाओं के बैज और एंबलम और मोनोग्राम बनाते आ रहे हैं।
मुमताज अली को पहली बार मौक़ा मिला है कि वह अपनी नायाब कला को किसी को भेंट कर सकें। प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति के समक्ष लोहता की तरन्नुम बानो और अफसाना इसका डिस्प्ले करेंगी।
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- फोटो : अमर उजाला
जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि जब भी कोई मेहमान काशी की धरती पर आता है तो हम उन्हें हस्तशिल्प का नमूना पेश करते हैं।