फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Sorahiya Mela women will perform 16 circumambulations over 16 days featuring 16 knot and 16 adornment in kashi

सोरहिया मेला: काशी में 16 दिन, 16 गांठ और 16 शृंगार कर महिलाएं करेंगी 16 परिक्रमाएं, जानें- क्या है मान्यता

Sat, 19 Sep 2026 10:19 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 19 Sep 2026 10:19 AM IST
सार

सोरहिया मेला आज से शुरू हो रहा है। इस दौरान महिलाएं 16 दिन, 16 गांठ और 16 शृंगार कर 16 परिक्रमाएं करेंगी। उधर शुक्रवार को महिलाओं ने अष्टमी तिथि लगने के साथ ही लक्ष्मीकुंड पर महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। 

विज्ञापन
Sorahiya Mela women will perform 16 circumambulations over 16 days featuring 16 knot and 16 adornment in kashi
त्रिगुणात्मक सिद्धपीठ श्री महालक्ष्मी मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोरहिया मेला शनिवार से लक्ष्मीकुंड (लक्सा) पर शुरू होगा। त्रिगुणात्मक सिद्धपीठ श्री महालक्ष्मी मंदिर में महिलाएं व्रत रखकर माता लक्ष्मी और जिउतिया माता की 16 दिनों तक पूजा करेंगी। भादो मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी से आश्विन कृष्ण पक्ष यानी पितृपक्ष की अष्टमी तक व्रत का विधान है। शुक्रवार को दोपहर में ही अष्टमी तिथि लगने के चलते महालक्ष्मी के दर्शन-पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ रही। महिलाओं ने 16 गांठ वाला धागा बांधकर मंदिर की 16 बार परिक्रमा की।

विज्ञापन


लक्ष्मी माता के मुखौटे को माता के चरणों से स्पर्श कराकर घर ले गईं। उदया तिथि को मानने के चलते अगले दिन से व्रत व पूजन करेंगी। जीवित्पुत्रिका व्रत तीन अक्तूबर को है। शुक्रवार के दिन लक्ष्मीकुंड मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भादो मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शुक्रवार को दिन में 1:02 बजे से शुरू होकर अगले दिन शनिवार को अपराह्न 3:28 बजे तक रहेगी। अष्टमी तिथि लग गई। इसको देखते हुए कई महिलाओं ने अष्टमी तिथि मानकर पूजन-अर्चन किया। जबकि उदया तिथि के अनुसार शनिवार को अष्टमी तिथि मान्य होगी।
विज्ञापन


महालक्ष्मी मंदिर के महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय लिंगिया महाराज ने बताया कि लक्ष्मीकुंड पर सोरहिया मेला राधाष्टमी से पितृपक्ष की अष्टमी तक लगता है। 16 दिनों तक व्रत रखने वाली महिलाएं इसी दिन से महालक्ष्मी व्रत रखेंगी। शुक्रवार को दिन और अष्टमी तिथि लगने से महिलाओं ने दर्शन-पूजन किया। मगर, व्रत शनिवार को उदया तिथि से करेंगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

Sorahiya Mela women will perform 16 circumambulations over 16 days featuring 16 knot and 16 adornment in kashi
त्रिगुणात्मक सिद्धपीठ श्री महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

जीवित्पुत्रिका व्रत पितृपक्ष की अष्टमी तीन अक्तूबर को है। इस दिन महिलाएं निराजल व्रत रखेंगी। व्रत का पारण चार अक्तूबर को सुबह 7:28 बजे के बाद होगा। बताया कि सोरहिया दर्शन के समापन पर चार अक्तूबर को माता लक्ष्मी का शृंगार होगा।

उन्होंने बताया कि सोरहिया मेला के दौरान महिलाएं प्रतिदिन लक्ष्मी मंदिर और मंदिर के दक्षिण में स्थापित माता जिउतिया का पूजन करेंगी। कुंड में स्नान करने का विधान है। देवी को सोलह शृंगार की सामग्री अर्पित कर, 16 आचमन, देवी की 16 परिक्रमा, 16 चावल के दाने और 16 दूर्वा अर्पित कर कपड़े में बांधकर माता को रोज चढ़ाने की परंपरा है। 16 गांठ वाला धागा पहनकर पूजा करेंगी। वे जीवित वाहन की कथा का रोज श्रवण करेंगी। पुत्र की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए पूजन-अर्चन करेंगी।

मां लक्ष्मी को चढ़ाएंगी मुखौटा
सोरहिया मेला के दौरान महालक्ष्मी और जिउतिया माता की पूजा होगी। अष्टमी से अष्टमी के बीच महिलाएं माता लक्ष्मी के मुखौटे को माता लक्ष्मी के चरणों से स्पर्श कराकर अपने घर ले जाकर सालभर पूजा करती हैं। यह मुखौटा गंगा मिट्टी से बना होता है। वे पुराने मुखौटे को गंगा या लक्ष्मीकुंड में विसर्जित कर देती हैं।

मलमास से नवविवाहिता नहीं शुरू करेंगी व्रत
मलमास के चलते इस वर्ष शादी करने वाली महिलाएं इस व्रत की शुरुआत नहीं करेंगी। पं. शिव प्रसाद पांडेय ने बताया कि इस साल मलमास लगा था। इसलिए मलमास में व्रत की शुरुआत नहीं होगी। नवविवाहित महिलाएं अब अगले साल से सोरहिया व्रत की शुरुआत करेंगी। क्योंकि मलमास में व्रत की शुरुआत करना शुभ नहीं होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed