जल्दी ही स्लो मोशन की जगह हाईस्पीड दौड़ेगीं सारी ट्रेनें, अगर सफल हुई रेलवे की ये तकनीक तो
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देश में पांच हजार किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर निर्माण और सभी यात्रियों को वेटिंग रहित टिकट मुहैया कराना रेलवे का लक्ष्य है। नए साल में ट्रेनों की औसत गति 160 किलोमीटर प्रति घंटे करने का टारगेट है। प्रयास होगा कि नए साल में इन लक्ष्यों को पूरा कर लिया जाए।
ये बातें रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने शनिवार को वाराणसी-छपरा रेलखंड का विंडो निरीक्षण करने के बाद बलिया रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में कहीं। इस दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और वातानुकूलित प्रतीक्षालय का लोकार्पण किया।
सीआरबी विनोद कुमार यादव बलिया के ही मूल निवासी हैं। उन्होंने कहा कि देश में अभी रेल विद्युतीकरण और डबल रेल लाइनों पर काम चल रहा है। पूर्वांचल की सभी लाइनों को डबल करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा। रेलवे को मार्डन बनाया जा रहा है। इसके तहत स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने, महिला यात्रियों को अधिक सुविधाएं देने, उनकी सुरक्षा के साथ कई बड़े स्टेशनों के कायाकल्प पर ध्यान दिया जा रहा है। पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत ये सभी कार्य कराने की योजना है।
एक सवाल के जवाब में सीआरबी ने कहा कि पुराने माझी पुल के पास नया पुल 2021 में तैयार हो जाएगा। पुराने पुल की मरम्मत का कार्य भी कराया जाएगा। इसमें कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं दो दूर कर दी गई हैं। अब निर्माण और मरम्मत में कोई बाधा नहीं है।
कहा कि बलिया रेलवे स्टेशन को सुंदर बनाने और यात्री सुविधाएं बढ़ाने के लिए 10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इससे बलिया स्टेशन पर कैफेटेरिया और नई पिट लाइन का निर्माण कराया जाएगा ताकि और ट्रेनों को यहां से प्रारंभ कराया जा सके। अभी यहां ट्रेनों को रखने की व्यवस्था नहीं होने के कारण नई ट्रेनें नहीं शुरू की जा रही हैं। पिट लाइन बनने के साथ ही यहां से दिल्ली और मुंबई के लिए नई ट्रेनें चलाई जाएंगी।
आधुनिक होगा रेलवे, कम नहीं होंगे कर्मचारी
सीआरबी ने कहा कि किसी भी सूरत में कर्मचारियों की संख्या में कमी नहीं की जाएगी। हम रेलवे को माडर्न बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं लेकिन इसके लिए कर्मचारियों की संख्या में कोई कमी नहीं होगी। इस समय हम सिर्फ और सिर्फ ट्रेनों से लेकर स्टेशन और रेल पटरियों तक को माडर्न करने पर काम कर रहे हैं।
कहा कि फ्रेट कॉरिडोर के तहत 500 किलोमीटर की रेल लाइन काम कर रही है और 500 किलोमीटर पर काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य देश में 5000 किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर तैयार करने का है।