गर्भवती की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने बीएचयू किया रेफर, एंबुलेंस में तीन बच्चों को दिया जन्म फिर...
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सोनभद्र के ओबरा निवासी मनोज की पत्नी फूलकुमारी (29) को मंगलवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने लगी। यह देख मनोज उसे लेकर चोपन सीएचसी गया। जहां प्रसूता की हालत गंभीर देख कर डॉक्टरों ने उसे लोढ़ी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से भी डाक्टरों ने फूलकुमारी को बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया।
एंबुलेंस चालक महिला को बीएचयू लेकर जा रहा था कि मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र के हनुमान घाटी में महिला ने तीन नवजात शिशुओं को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस चालक ने समझदारी दिखाते हुए तीन नवजात शिशुओं समेत मां को अहरौरा सीएचसी में भर्ती कराया। भर्ती होने के कुछ ही देर बाद सीएचसी में जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ने लगी।
सीएचसी में बच्चों के डॉक्टर और बेहतर चिकित्सकीय सुविधा नहीं होने के कारण तीनों नवजात शिशुओं ने एक के बाद एक दम तोड़ दिया। सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र ने बताया कि महिला को सातवें माह में ही प्रसव पीड़ा हुई।
डॉ. हरिश्चंद्र ने बताया कि समय से पहले और एक साथ तीन बच्चे पैदा होने के कारण बच्चे काफी कमजोर पैदा हुए। जिस वजह से नवजात शिशुओं को नहीं बचाया जा सका। प्रसव के बाद महिला का उपचार जारी है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है।