सोनभद्र नरसंहार : उभ्भा गांव में सामूहिक रूप से हुआ तेरहवां संस्कार
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सोनभद्र के घोरावल थानाक्षेत्र के मूर्तिया (उभ्भा) गांव में 17 जुलाई को हुए नरसंहार के घाव भरने लायक नहीं हैं। लेकिन, पीड़ित परिवार मृतकों के सभी संस्कारों को कर के अपने दिल को तसल्ली दे रहे हैं।
उभ्भा कांड के मृतकों का त्रयोदशा संस्कार (तेरहवीं) एवं मृत्युभोज प्राथमिक विद्यालय उभ्भा के परिसर में सोमवार को हुआ। सभी दस मृतकों के परिजनों ने सामूहिक रूप से तेरहवां संस्कार किया।
बताते चलें कि गत 17 जुलाई को दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में आदिवासी गोंड़ समुदाय के दस लोग मारे गए थे। सोमवार को दोपहर के समय सभी मृतकों के परिवार के लोगों ने सामूहिक रूप से विधि विधान के साथ तेरहवीं का संस्कार संपन्न कराया।
सभी कर्मकांड गोंड़ समाज के पुरोहित लक्ष्मण गोंड़ के नेतृत्व में पुरोहितों के दल ने विधि विधान व लोक परंपरा के अनुसार संपन्न कराया। इस अवसर पर सामूहिक रूप से मृत्युभोज का आयोजन किया गया, जो देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखे।
सोनभद्र के घोरावल तहसील के उभ्भा गांव में 17 जुलाई को दो पक्षों में वर्षों से जमीनी विवाद में 3 महिलाओं समेत 10 लोगों की हत्या कर दी गई। इसके अलावा 28 लोग घायल हो गए थे। मौके पर फायरिंग होने के साथ लाठी-डंडे और फावड़े भी चलने से कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
इस खूनी संघर्ष में 18 जुलाई को पुलिस ने मृत रामसुंदर के पुत्र लल्लू की तहरीर पर 28 नामजद, 50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब तक इस मामले में 39 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।