पिता के सामने मौत के मुंह में कूदा लाल: जन्मदिन पर पार्टी करने को नहीं दिए 2000 रुपये तो गंगा में लगाई छलांग, बचाने को पिता भी कूदे, तलाश जारी
पिता ने किरानी की दुकान चलाते हैं, उन्होंने आर्थिक स्थिति खराब होने का हवाला देते हुए पैसे देने से मना कर दिया था। वह जान देने की धमकी देते हुए चला गया, पिता भी उसे मनाने के लिए पीछे-पीछे चल दिए थे। राजघाट पुल पर पहुंचते ही उसने गंगा में छलांग लगा दी।
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वाराणसी में जन्मदिन पर पिता से दो हजार रुपये नहीं मिलने से खफा बेटे ने शुक्रवार देर रात राजघाट पुल से गंगा में छलांग लगा दी। बेटे को बचाने के लिए पिता ने भी गंगा में छलांग लगा दी। मल्लाहों ने पिता को बचा लिया लेकिन बेटे को नहीं ढूंढ़ सके। आदमपुर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों की मदद से खोजबीन में लगी है।
गोला दीनानाथ निवासी मनोज केसरी के पुत्र अश्वनी केसरी(21) का शुक्रवार को जन्मदिन था। रात के समय दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए अश्वनी पिता से दो हजार रुपये मांग रहा था। किराना की दुकान चलाने वाले मनोज ने खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि अभी इतना पैसा नहीं है। हफ्ते भर बाद पैसा लेकर पार्टी कर लेना।
इससे नाराज होकर अश्वनी रात में घर से यह कहते हुए निकला कि राजघाट पुल से कूदकर जान दे दूंगा। इसके बाद बेटे को मनाने मनोज केसरी भी उसके पीछे-पीछे निकल गए। राजघाट पुल पर पहुंचते ही अश्वनी ने गंगा में छलांग लगा दी। कुछ दूर रहे पिता मनोज ने भी बेटे को बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दी। आवाज सुनकर नाविकों और मल्लाहों ने मनोज को तो बचा लिया लेकिन अश्वनी को नहीं ढूंढ़ सके। घायल मनोज को पुलिसकर्मियों ने मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया।
बेटा, पता रहत त कर्जा लेके तोहे पैसा देईत...
मनोज केसरी को जब मल्लाहों ने गंगा से बाहर निकाला तो दहाड़े मारकर रोने लगे। कह कहते हुए अचेत हो गए कि बेटा, पता रहत कि अइसन कदम उठा लेबे त कर्जा लेके तोहके पैसा दे देईत....काहे कूद गइले, अब कइसे जीवन कटी...। मनोज केसरी को दो पुत्र अश्वनी और ध्रुव और एक बेटी है।