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यूपी बोर्डः बनारस में किसान परिवार के बेटे-बेटियों ने किया कमाल, जुनून और जज्बे से लहराया परचम

Mon, 30 Apr 2018 01:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 30 Apr 2018 01:25 PM IST
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Son and daughter of farmers top in up board result at varanasi
परिणाम आने के बाद खु्शियां मनाती छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
बनारस में यूपी बोर्ड में मेहनत और उम्मीद के अनुरूप नतीजे आए तो मेधावियों के चेहरों पर खुशियां तैर उठीं।  सीमित संसाधनों और विषम परिस्थितियों के बावजूद किसान परिवार के बेटे-बेटियों ने कमाल कर दिखाया है।
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बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ ही जिले का नाम रोशन कर दिया। सफलता हासिल करने का जुनून लिए पूरे साल मेहनत करने वाले ये मेधावी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉपर्स बन गए हैं।
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कामयाबी के ये राहें आसान नहीं थीं लेकिन हौसला इतना मजबूत कि कदम डिगे नहीं और फिर रविवार का सूरज उनकी उम्मीदें रोशन कर गया। बनारस में हाईस्कूल की टॉपर वैष्णवी और इंटरमीडिएट के टॉपर सुरेंद्र कुमार यादव समेत कई अन्य मेधावी किसान परिवार से हैं। 
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मां ने कहा, घर का काम नहीं पढ़ाई करो 

Son and daughter of farmers top in up board result at varanasi
वैष्णवी केशरी के परिजनों ने उसे खुशी से चूम लिया - फोटो : अमर उजाला
हाईस्कूल में सिर्फ जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश में आठवां स्थान पाने वाली वैष्णवी केशरी के पिता राजू केशरी छोटी सी परचून की दुकान चलाते हैं। साथ ही, गोलगप्पे के लिए फुलकी तैयार कर बेचते हैं। बेटी के टॉपर बनने पर उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया।

मां रुक्मिणी अपनी खुशियां आंचल में समेट नहीं पा रहीं। बीएस इंटर कॉलेज पैगंबरपुर की छात्रा वैष्णवी ने अच्छे रिजल्ट की तो उम्मीद की थी लेकिन कभी सोचा नहीं था कि वो प्रदेश में आठवां स्थान हासिल करेंगी।

वैष्णवी कहती हैं कि उनकी सफलता के पीछे माता-पिता का आशीर्वाद है। पिता ने पढ़ाई-लिखाई के लिए हमेशा हर संभव मदद की। मां ने भी पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। वह हमेशा यही समझाती रहीं कि घर का काम नहीं मन लगाकर पढ़ाई करो।

वैष्णवी केशरी का कहना है कि आज मेरे पास शब्द नहीं हैं, जिससे मैं अपनी खुशी बयां कर सकूं। अपने माता-पिता की उम्मीदों को पूरा कर मुझे बेहद खुशी है। मैं चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती हूं। पूरा भरोसा है कि मैं अपना लक्ष्य हासिल कर लूंगी। 

बेटे के सपने को अपना सपना बना लिया 

Son and daughter of farmers top in up board result at varanasi
परिवार को लोगों के साथ सुरेंद्र कुमार यादव - फोटो : अमर उजाला
इंटरमीडिएट के टॉपर्स सुरेंद्र कुमार यादव बेहद सामान्य किसान परिवार से हैं। बेनीपुर, राजातालाब निवासी सुरेंद्र के पिता पन्नालाल यादव किसान हैं और मां चंपा देवी घर के कामकाज के साथ खेती-किसानी में उनका सहयोग करती हैं। पशुपालन और अन्य कार्यों में खुद सुरेंद्र भी हाथ बंटाते हैं।

सुरेंद्र का पसंदीदा विषय विज्ञान और गणित है। सुरेंद्र कहते हैं कि इंजीनियरिंग उनका सपना है और इस सपने को पूरा करने में उनके साथ पिता ने जीजान लगा दी है। उन्होंने हमेशा घर के कामकाज की चिंता को छोड़ मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी।

आज माता-पिता के आशीर्वाद की बदौलत ही यह सफलता मिली है। इंजीनियरिंग के लिए आईआईटी जेईई की परीक्षा दी है। तीन भाइयों में सबसे बड़े सुरेंद्र को ये अंदाजा तो था कि वो अच्छा प्रदर्शन करेंगे, लेकिन जिला टॉप करेंगे, ये उम्मीद नहीं थी। हाईस्कूल में उन्होंने 89 फीसदी अंक हासिल किया था।

सुरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मैं खुश हूं, मुझे मेरी मेहनत का फल इस जिले के टॉपर बनने के तौर पर मिला। घर वालों की खुशी देखकर और खुश हूं। आगे मैं इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहता हूं। गांव परिवार में अलग नाम करना चाहता हूं। 

टॉपर्स की बात 

Son and daughter of farmers top in up board result at varanasi
रिजल्ट आते ही परीक्षार्थी खुशी से झूम उठे - फोटो : अमर उजाला
मुझे आईएसए बनना है। इसके लिए मैं पूरी मेहनत कर रहा हूं। बगैर ट्यूशन के मैंने अपनी परीक्षा की तैयारी की थी। रोजाना छह से सात घंटे की पढ़ाई ने मुझे ये सफलता दिलाई है। आगे भी पूरी मेहनत करूंगा। 
- हर्ष कुमार पटेल, 10 वीं जिले में दूसरा स्थान

मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं। बायो से इंटरमीडिएट करने के बाद मेडिकल की तैयारी करूंगी। पिता जी का भी सपना है कि मैं डॉक्टर बनूं और समाज की सेवा करूं। मैं उनका सपना पूरा करना चाहती हूं। 
- निधि पाल, 10 वीं जिले में तीसरा स्थान

मेरी इच्छा सिविल सर्विसेज में जाने की है। इसके साथ इंजीनियरिंग की तैयारी भी कर रही हूं। पांच से छह घंटे की पढ़ाई ने मुझे ये सफलता दिलाई है। मैं आगे और भी मेहनत के साथ लक्ष्य की तरफ बढूंगी। 
- श्वेता मौर्या, 12 वीं जिले में दूसरा स्थान 

इंजीनियर बनना है। किसान परिवार से होने के बावजूद मैं एक अलग क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहता हूं और इसके लिए कड़ी मेहनत से मुझे कोई गुरेज नहीं है। रोजाना पढ़ाई में सात से आठ घंटे देता हूं। 
- संघर्ष सिंह, - 12 वीं जिले में तीसरा स्थान 

बीएचयू बीएससी का फार्म भरा है। एयरफोर्स और नेवी में भी कॅरियर बनाना चाहती हूं और देश के लिए कुछ करने की इच्छा है। अपनी सफलता से खुश हूं और लक्ष्य को लेकर उत्साहित भी। 
- शिवानी सिंह यादव, 12 वीं में जिले में चौथा स्थान 
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