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इंटरनेट से आयुर्वेद की जानकारी जुटाना हो सकता है खतनाक
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 21 Feb 2017 06:24 PM IST
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Ayurveda
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इंफार्मेशन टेक्नालॉजी के उपयोग से आयुर्वेद ज्ञान को विश्व में सर्व सुलभ किया जा रहा है। इस प्रयास में इंटरनेट पर आयुर्वेद की प्रमाणिक जानकारी का भी अभाव हो रहा है।
बीएचयू आयुर्वेद संकाय के रस शास्त्र विभाग में क्रिया शरीर विभाग के डॉ. किशोर पटवर्धन का व्याख्यान दिया।
इंफार्मेशन टेक्नालॉजी के उपयोग से आयुर्वेद ज्ञान को विश्व में सर्व सुलभ बनाने पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा कि विकिपीडिया ज्ञान प्रसारण का सशक्त माध्यम है लेकिन आयुर्वेद से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी का यहां अभाव है।
आयुर्वेद के जानकार इस ज्ञान को संपादित नहीं करते क्योंकि उनमें तकनीकी का अभाव है। हमारी सक्रिय न होने से हम इस ज्ञान को समुचित रूप से विश्व तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
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अध्यक्षता करते हुए प्रो. आनंद चौधरी ने कहा कि आयुर्वेद के प्रबुद्ध व्यक्तियों की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि वो इंटरनेट पर उपलब्ध आयुर्वेद से जुड़ी भ्रामक जानकारी को ठीक करें।
उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से इसका आह्वान किया। प्रो. आनंद ने कहा कि इसके लिए वे अंतर विभागीय समिति बनाने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय के समक्ष रखेंगे।
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बीएचयू आयुर्वेद संकाय के रस शास्त्र विभाग में क्रिया शरीर विभाग के डॉ. किशोर पटवर्धन का व्याख्यान दिया।
इंफार्मेशन टेक्नालॉजी के उपयोग से आयुर्वेद ज्ञान को विश्व में सर्व सुलभ बनाने पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा कि विकिपीडिया ज्ञान प्रसारण का सशक्त माध्यम है लेकिन आयुर्वेद से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी का यहां अभाव है।
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आयुर्वेद के जानकार इस ज्ञान को संपादित नहीं करते क्योंकि उनमें तकनीकी का अभाव है। हमारी सक्रिय न होने से हम इस ज्ञान को समुचित रूप से विश्व तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
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अध्यक्षता करते हुए प्रो. आनंद चौधरी ने कहा कि आयुर्वेद के प्रबुद्ध व्यक्तियों की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि वो इंटरनेट पर उपलब्ध आयुर्वेद से जुड़ी भ्रामक जानकारी को ठीक करें।
उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से इसका आह्वान किया। प्रो. आनंद ने कहा कि इसके लिए वे अंतर विभागीय समिति बनाने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय के समक्ष रखेंगे।