दरोगा भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गिरफ्तारः कब्जे से फर्जी आधार कार्ड व प्रवेश पत्र बरामद, जानें किसके कहने पर आया था परीक्षा देने
दरोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में द्वितीय पाली के दौरान वाराणसी में अभ्यर्थियों की चेकिंग हो रही थी। पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड और प्रवेश पत्र मिलने पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दरोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में वाराणसी पुलिस ने रविवार को भदवर स्थित केंद्र से एक सॉल्वर को गिरफ्तार किया। दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने आए अभ्यर्थी के पास से पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड और प्रवेश पत्र बरामद किया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दोस्त के कहने पर परीक्षा देने आया था। परीक्षा करा रही एजेंसी के चीफ प्राक्टर की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया।
भदवर स्थित भागवत इंस्टीट्यूट पर आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा में द्वितीय पाली के दौरान अभ्यर्थियों की चेकिंग हो रही थी। इसी बीच एक अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र और आधार कार्ड में गड़बड़ी समझ में आने पर परीक्षा एजेंसी के कर्मचारियों ने अभ्यर्थी को गेट पर ही रोक लिया।
इसके बाद युवक भागने का प्रयास करने लगा। जिसे कर्मचारियों ने पकड़ते हुए पूछताछ शुरू की। इस दौरान मिलान करने पर आरोपी का प्रवेश पत्र और फोटो फर्जी पाया गया। केंद्र पर मौजूद पुलिस और केंद्र के कर्मचारियों ने पूछताछ की।
दोस्त के कहने पर आया था परीक्षा देने
इस पर बिहार बांका के शंभूगंज थाना अंतर्गत बसबिट्टा लाखा निवासी विक्रम सिंह ने बताया कि अपने दोस्त के कहने पर उसके रिश्तेदार गोरखपुर के वक्सीपुर निवासी रवि कुमार यादव के स्थान पर परीक्षा देने आया था। पुलिस की एक टीम आरोपी के बताए हुए पते और मोबाइल में मिले व्हाट्सएप चैट के आधार पर रवि कुमार यादव की गिरफ्तारी को लेकर गठित की गई है।
अब तक सात आरोपी हुए गिरफ्तार, सभी का कनेक्शन बिहार से जुड़ रहा
पखवारे भर से चल रही दरोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में फर्जी प्रवेश पत्र और नकली बाल में डिवाइस लगाकर परीक्षा देने वाले अब तक सात आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। कमिश्नरेट पुलिस के चितईपुर थाना अंतर्गत तीन आरोपी और रोहनिया अंतर्गत केंद्र से चार आरोपी अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि इसमें सभी का कनेक्शन बिहार से जुड़ा हुआ है। पुलिस अब तक उनके बताए हुए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।