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सूतक लगते ही बंद हुए मंदिरों के कपाट
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वाराणसी। प्रमादी नवसंवत्सर के पहले सूर्यग्रहण का सूतक लगते ही काशी में मंदिरों के कपाट बंद हो गए। जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर और मां अन्नपूर्णा का मंदिर रविवार सुबह बंद होगा। कोरोना संक्रमण के कारण कई मंदिरों के द्वार श्रद्धालुओं के लिए पहले से ही बंद चल रहे हैं।
काशी में ग्रहण का स्पर्श सुबह 10:30 बजे होगा। मध्य 12:18 और मोक्ष 2:04 बजे होगा। 12 घंटे पहले लगने वाला सूतक ग्रहण के साथ ही समाप्त होगा। सूतक लगने के कारण सूर्यग्रहण से 12 घंटा पहले ही शनिवार रात 10:30 बजे मंदिरों के कपाट बंद हो गए। जबकि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट रविवार सुबह 9 बजे बंद होंगे। ग्रहण समाप्त होने के बाद 2:04 बजे मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा। वहीं, अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत पं. रामेश्वर पुरी महाराज ने बताया कि मंदिर सुबह 8 बजे से 3 बजे तक बंद रहेगा। मध्याह्न भोग आरती कपाट खुलने के बाद होगी।
गंगा घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को रोकने की तैयारी
कोरोना के कारण भीड़ पर प्रतिबंध होने के कारण ग्रहण के बाद गंगा स्नान करने वालों को भी निराशा हाथ लगेगी। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान की इजाजत गंगा घाटों पर नहीं है। रविवार को गंगा के तट पर फोर्स तैनात रहेगी। पुलिस की तरफ से घोषणा की गई है कि स्नान के लिए लोग घाटों पर न आएं। गंगा घाटों पर भीड़ न उमड़े, इसके लिए जिला प्रशासन ने भी तैयारी कर ली है। दशाश्वमेध, शीतला, दरभंगा, अस्सी और राजघाट पर पुलिस की चौकसी रहेगी। सुबह से ही एनाउंसमेंट भी किया जाएगा।
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घर में ही रहकर करें पूजा
संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि ग्रहण काल के दौरान घर में ही रहें। भगवान श्रीराम और हनुमान का नाम जपते रहें। ज्योतिषाचार्य पं. राहुल तिवारी ने बताया कि ग्रहण के दौरान गुरु के द्वारा मिले मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। खाद्य सामग्रियों में तुलसी के पत्ते डालें। अमावस्या पर ग्रहण थोड़ा अनिष्टकारी होता है। ग्रहण के बाद घर में गंगा जल का छिड़काव करें। स्नान कर धूपबत्ती जलाएं। गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल में घर से बाहर न निकलें। किसी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल न करें।
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काशी में ग्रहण का स्पर्श सुबह 10:30 बजे होगा। मध्य 12:18 और मोक्ष 2:04 बजे होगा। 12 घंटे पहले लगने वाला सूतक ग्रहण के साथ ही समाप्त होगा। सूतक लगने के कारण सूर्यग्रहण से 12 घंटा पहले ही शनिवार रात 10:30 बजे मंदिरों के कपाट बंद हो गए। जबकि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट रविवार सुबह 9 बजे बंद होंगे। ग्रहण समाप्त होने के बाद 2:04 बजे मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा। वहीं, अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत पं. रामेश्वर पुरी महाराज ने बताया कि मंदिर सुबह 8 बजे से 3 बजे तक बंद रहेगा। मध्याह्न भोग आरती कपाट खुलने के बाद होगी।
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गंगा घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को रोकने की तैयारी
कोरोना के कारण भीड़ पर प्रतिबंध होने के कारण ग्रहण के बाद गंगा स्नान करने वालों को भी निराशा हाथ लगेगी। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान की इजाजत गंगा घाटों पर नहीं है। रविवार को गंगा के तट पर फोर्स तैनात रहेगी। पुलिस की तरफ से घोषणा की गई है कि स्नान के लिए लोग घाटों पर न आएं। गंगा घाटों पर भीड़ न उमड़े, इसके लिए जिला प्रशासन ने भी तैयारी कर ली है। दशाश्वमेध, शीतला, दरभंगा, अस्सी और राजघाट पर पुलिस की चौकसी रहेगी। सुबह से ही एनाउंसमेंट भी किया जाएगा।
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घर में ही रहकर करें पूजा
संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि ग्रहण काल के दौरान घर में ही रहें। भगवान श्रीराम और हनुमान का नाम जपते रहें। ज्योतिषाचार्य पं. राहुल तिवारी ने बताया कि ग्रहण के दौरान गुरु के द्वारा मिले मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। खाद्य सामग्रियों में तुलसी के पत्ते डालें। अमावस्या पर ग्रहण थोड़ा अनिष्टकारी होता है। ग्रहण के बाद घर में गंगा जल का छिड़काव करें। स्नान कर धूपबत्ती जलाएं। गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल में घर से बाहर न निकलें। किसी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल न करें।