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जवान की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत, पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही मचा कोहराम

Fri, 28 Sep 2018 09:43 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया Updated Fri, 28 Sep 2018 09:43 AM IST
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Soldier died due to heart attack in kupwara
जवान के घर पर लोगों की भीड़ - फोटो : amar ujala
 जम्मू -कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात जवान हेमंत कुमार पांडेय का का शव गुरुवार की देर रात बलिया स्थित पैतृक गांव सिसवार कला जैसे ही पहुंचा, पूरा माहौल गमगीन हो गया। एक तरफ जवान की मां लालमुनि का रो रोकर बुरा हाल था तो दूसरी तरफ उसकी पत्नी सीमा की चीत्कार से लोगों की आंखें नम हो जा रही थीं।
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बेटा संस्कार और बेटी संस्कृति की आंखें उस ताबूत को निहार रही थी, जिसमें उनके पापा का शव तिरंगे में लपेटा हुआ था। एसडीएम, तहसीलदार व कोतवाल की मौजूदगी में सेना के जवान को गार्ड आफ आनर दिया गया।  
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देश की रक्षा का जज्बा लिए सेना में भर्ती हुए हेमंत पांडेय (37) के निधन का समाचार क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। गुरुवार की देर रात सेना के जवान हेमंत का पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे। सैकड़ों की संख्या में भीड़ उनके दरवाजे पर पहुंच गई। चार भाइयों में तीसरे नंबर के हेमंत ही एक मात्र घर का सदस्य था, जो की सरकारी नौकरी में था।
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अन्य भाइयों में दो प्राइवेट नौकरी तो सबसे छोटा भाई गांव में रह कर ही खेतीबारी का काम करता है। हेमंत का निजी जीवन भी सादगी से भरा था। गांव वाले तारीफ करते नहीं थम रहे थे।

निजी जीवन भी सादगी से भरा था

Soldier died due to heart attack in kupwara
हेमंत पांडेय - फोटो : file photo
अपने सरल स्वभाव के कारण हेमंत हमेशा गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे। उसकी देखरेख में गांव में बहुतेरे जवान सेना में भर्ती हुए हैं। हेमंत ने बड़े प्यार से अपने बेटे का नाम संस्कार तो बेटी का संस्कृति रखा था। बीते जून में रांची में पोस्टिंग के दौरान गांव में एक महीना छुट्टी पर आये थे। इसके बाद उनका तबादला जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में कर दिया गया, जहां मंगलवार की शाम को हृदयाघात से मौत हो गई।


हेमंत का निजी जीवन भी सादगी से भरा था। अपने सरल स्वभाव के कारण हेमंत हमेशा गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे। उसकी देखरेख में गांव में बहुत से युवा सेना में भर्ती हुए हैं। बीते जून में रांची में पोस्टिंग के दौरान गांव में एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे। इसके बाद उनका तबादला जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में कर दिया गया था।
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