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सोलर पैनल : काशी में 39,018 इंस्टॉलेशन पूरे, रोजाना 6,60,482 यूनिट बिजली का उत्पादन
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वाराणसी। हरित ऊर्जा के क्षेत्र में काशी ने देश के कई बड़े महानगरों को पीछे छोड़ते हुए रूफटॉप सोलर पैनल स्थापना में देशभर में 10वां स्थान प्राप्त किया है। यहां अब तक 39,018 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। सीडीओ प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत कुल 62,964 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से करीब 39,018 इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। इसमें सभी संबंधित योजनाएं शामिल हैं। जिले में अब तक लगभग 1,32,096.31 किलोवाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है।
यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत अब तक लगभग 33,332 उपभोक्ताओं को 251.49 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि वितरित की गई है। स्थापित सौर संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 6,60,482 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे प्रतिदिन लगभग 39.6 लाख रुपये की बचत हो रही है। यही बचत वार्षिक स्तर पर लगभग 144.65 करोड़ रुपये तक पहुंच रही है।
उन्होंने बताया कि वार्षिक स्तर पर लगभग 1.58 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे वाराणसी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने में मदद मिल रही है। इसके अतिरिक्त, योजना से लगभग 660 एकड़ कृषि भूमि संरक्षण का लाभ भी हुआ है। जिले में 310 वेंडर सक्रिय हैं, जबकि लगभग 30,000 लोगों को प्रत्यक्ष और तीन लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। सोलर उपकरण, इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस, परिवहन और तकनीकी सेवाओं से जुड़े हजारों युवाओं को काम मिला है।
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यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत अब तक लगभग 33,332 उपभोक्ताओं को 251.49 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि वितरित की गई है। स्थापित सौर संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 6,60,482 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे प्रतिदिन लगभग 39.6 लाख रुपये की बचत हो रही है। यही बचत वार्षिक स्तर पर लगभग 144.65 करोड़ रुपये तक पहुंच रही है।
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उन्होंने बताया कि वार्षिक स्तर पर लगभग 1.58 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे वाराणसी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने में मदद मिल रही है। इसके अतिरिक्त, योजना से लगभग 660 एकड़ कृषि भूमि संरक्षण का लाभ भी हुआ है। जिले में 310 वेंडर सक्रिय हैं, जबकि लगभग 30,000 लोगों को प्रत्यक्ष और तीन लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। सोलर उपकरण, इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस, परिवहन और तकनीकी सेवाओं से जुड़े हजारों युवाओं को काम मिला है।
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