औड़िहार। एक मशहूर गीत ‘अपने लिए जिए तो क्या जिए, तू जी ए दिल जमाने के लिए’ युवा समाजसेवी सुनील यादव पर फिट बैठता है। वह गरीब बच्चों को निशुल्क कोचिंग पढ़ाने के साथ ही उन्हें कापी, कलम और पेंसिल तक देते हैं। इतना ही नहीं जल संरक्षण, पर्यावरण, शिक्षा और विलुप्त हो रही गौरैया के लिए लोगों को लकड़ी के पिंजरे भी बांट रहे हैं। सैदपुर नगर क्षेत्र से सटे अलीपुर के रहने वाले सुनील यादव प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को लेखन सामग्री पिछले कई सालों से बांट रहे हैं। गरीब परिवारों के लगभग 30 से ज्यादा बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने के लिए कोचिंग क्लास चलवाकर एक नजीर बन गए हैं। जनसेवा कार्य में और कई लोगों को जोड़ने के लिए उन्होंने 2015 में ‘युवा शक्ति संघ’ की स्थापना की। इसके बाद तो युवाओं की एक टीम खड़ी हो गई है। जो पूर्वांचल के दस जिलों में सामाजिक सरोकार की मिसाल कायम कर रही है। टीम में गोताखोर के रूप में छह नाविकों की टोली है तो पर्यावरण, जल संरक्षण और गरीबों के लिए काम करने वाले पचासों कार्यकर्ता। टीम कहीं श्रमदान से सड़क तो कहीं बच्चों को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। सुनील एक मध्यम वर्गीय किसान के घर पैदा हुए। तमाम कठिनाइयों में रहकर मां ने पढ़ाया-लिखाया। रुचि बचपन से ही नौकरी में नहीं रही। शिक्षा के दौरान उन्होंने गुरुजनों से सुना था कि जल ही जीवन है। ऐसे में जल को संरक्षित किया जाना जरूरी समझा। सैदपुर नगर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में नल की टोटियों से गिर रहे पानी को देख द्रवित हो उठे और नगर तथा गांवों में नल की टोटी लगाने का काम शुरू कर दिया। इसी तरह गौरैया संरक्षण, छोटे विद्यालयों में पीने के स्वच्छ पानी के लिए आरओ मशीन लगाने के साथ ही अपनी टीम के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों में पंखा लगाया। सुनील की नि:स्वार्थ सामाजिक सेवाओं को देखते हुए वाराणसी की सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्था सूर्या के निदेशक वल्लभाचार्य पांडेय ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। गोवर्द्धन पूजा समिति वाराणसी के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने उन्हें प्रतीक चिह्न, पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया। इसके अलावा विधायक सुभाष पासी और उनकी पत्नी रीना पासी की संस्था अक्षर फाउंडेशन ने 2017 में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यकर्ता का प्रमाणपत्र प्रदान किया है। पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा देश की ही नहीं बल्कि विश्व की चिंता का विषय है। सुनील यादव ऐसे सरोकारों से जुड़कर वृक्ष लगाओ, जल संरक्षण और गौरैया बचाओ जैसे अभियान के लिए मेहनत कर रहे हैं। तहसीलदार सैदपुर दिनेश कुमार कहते हैं कि सैदपुर क्षेत्र में रचनात्मक कार्यों के लिए सुनील यादव की अलग पहचान है। वह निरंतर समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के मामले में अच्छा और प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं।