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प्रवासी भारतीय सम्मेलन को लेकर सोशल मीडिया पर छाया सन्नाटा, बनारस में पहली बार होने जा रहा आयोजन
Fri, 18 Jan 2019 10:47 AM IST
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पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी,अमर उजाला,वाराणसी
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: utpal utpal
Updated Fri, 18 Jan 2019 10:47 AM IST
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प्रवासी भारतीय दिवस
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वाराणसी में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद दुनिया के कोने-कोने में बसे प्रवासियों को सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। वहीं सोशल मीडिया पर सम्मेलन को लेकर सन्नाटा है।
एक सप्ताह से भी कम समय रहने के बावजूद काशी के लिए इस सुनहरे अवसर की सुनियोजित ब्रांडिंग नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन सिर्फ इंतजामों में लगा हुआ है। भाजपा की ओर से भी उदासीनता ही बरती जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय रहते हैं। सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सक्रियता भी किसी से छुपी नहीं है। फिर भी प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में पहली बार हो रहे विश्वस्तरीय आयोजन के मामले में विदेश मंत्रालय के साथ-साथ प्रवासी भारतीय मंत्रालय और प्रदेश सरकार के एनआरआई विभाग की रुचि अब तक नजर नहीं आ रही है।
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कारण जो भी हों, नई दिल्ली और राज्यों की राजधानियों के बाद यहां हो रहे आयोजन को देश-दुनिया में पहुंचाने के लिए संबंधित मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी काशी के नए पहलुओं और बदलते बनारस की जानकारियां देने की पहल नहीं की है।
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एक सप्ताह से भी कम समय रहने के बावजूद काशी के लिए इस सुनहरे अवसर की सुनियोजित ब्रांडिंग नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन सिर्फ इंतजामों में लगा हुआ है। भाजपा की ओर से भी उदासीनता ही बरती जा रही है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय रहते हैं। सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सक्रियता भी किसी से छुपी नहीं है। फिर भी प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में पहली बार हो रहे विश्वस्तरीय आयोजन के मामले में विदेश मंत्रालय के साथ-साथ प्रवासी भारतीय मंत्रालय और प्रदेश सरकार के एनआरआई विभाग की रुचि अब तक नजर नहीं आ रही है।
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कारण जो भी हों, नई दिल्ली और राज्यों की राजधानियों के बाद यहां हो रहे आयोजन को देश-दुनिया में पहुंचाने के लिए संबंधित मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी काशी के नए पहलुओं और बदलते बनारस की जानकारियां देने की पहल नहीं की है।
प्रवासी भारतीय दिवस 2019 का सत्यापित ट्विटर एकाउंट पीबीडी कन्वेंशन के नाम से है। इस एकाउंट के 2895 फॉलोअर हैं। आखिरी बार इस एकाउंट से 18 सितंबर, 2018 को प्रवासी भारतीय सम्मेलन 2019 का दो मिनट छह सेकेंड का वीडियो ट्वीट किया गया था।
इसके बाद सम्मेलन की तैयारियों, रुचिकर तथ्यों और प्रवासी भारतीयों की आवभगत और उनके लिए किए जा रहे प्रबंधों पर संबंधी एक भी ट्वीट नहीं किया गया। इसी तरह फेसबुक पर प्रवासी भारतीय दिवस 2019 नाम से आधिकारिक पेज है।
इसे अब तक 235 लोगों ने लाइक किया है। 20 सितंबर, 2018 के बाद इस पेज से कोई पोस्ट भी शेयर नहीं की गई। वहीं, प्रवासी भारतीय दिवस 2019 के यूट्यूब एकाउंट से 2017 के बाद एक भी वीडियो शेयर नहीं किया गया है।
इसके बाद सम्मेलन की तैयारियों, रुचिकर तथ्यों और प्रवासी भारतीयों की आवभगत और उनके लिए किए जा रहे प्रबंधों पर संबंधी एक भी ट्वीट नहीं किया गया। इसी तरह फेसबुक पर प्रवासी भारतीय दिवस 2019 नाम से आधिकारिक पेज है।
इसे अब तक 235 लोगों ने लाइक किया है। 20 सितंबर, 2018 के बाद इस पेज से कोई पोस्ट भी शेयर नहीं की गई। वहीं, प्रवासी भारतीय दिवस 2019 के यूट्यूब एकाउंट से 2017 के बाद एक भी वीडियो शेयर नहीं किया गया है।