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काशी को स्मार्ट बनाएंगे, अर्थव्यवस्था को देंगे रफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 19 Sep 2015 02:17 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को डीरेका मैदान में काशी को स्मार्ट बनाने वाली 1750 करोड़ रुपये से अधिक की विकास की योजनाओं का ऐलान किया। इसमें रिंग रोड, बनारस-बाबतपुर फोरलेन, पक्का महाल के तारों को भूमिगत करने, चौक, कज्जाकपुरा विद्युत उपकेंद्र का शिलान्यास और बीएचयू ट्रामा सेंटर व रामनगर डाकघर में रेलवे आरक्षण काउंटर का लोकार्पण शामिल हैं। साथ ही शहरी क्षेत्र में ऊर्जा सुधार की 45 हजार करोड़ रुपये की एकीकृत विद्युत विकास योजना (आईपीडीएस) की शुरुआत की और मुद्रा बैंक के जरिए ‘पर्सनल सेक्टर’ के छोटे कारोबारियों के हितों के लिए नई रणनीति की घोषणा की। इन योजनाओं की सफलता के लिए बाबा विश्वनाथ से आशीर्वाद मांगा।
नौ महीने बाद अपने संसदीय क्षेत्र आए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब काशी आता था तब तारों का जाल देखकर चौंक जाता। इससे शहर की शोभा खराब होती है। आईपीडीएस के 572 करोड़ रुपये से शहर की बिजली व्यवस्था में आमूल परिवर्तन होगा। हेरिटेज जोन के तार भूमिगत होंगे। यह योजना काशी में नई ऊर्जा भर देगी। बिजली का पूरा ढांचा आधुनिक और स्मार्ट बनेगा, चोरी रुकेगी, हर घर रोशन होगा। उन्होंने वर्ष 2022 तक देश के हरेक घर तक 24 घंटे बिजली पहुंचाने का वादा किया। रिंग रोड परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बनारस और उससे सटे जिलों में सड़कों की हालत खराब है। रिंग रोड के साथ ही पड़ोस के जिलों की सड़कों को भी सुधारेंगे। शहर को छेड़े बिना बाहरी रिंग रोड बनाई जा रही है। यह पूरी योजना 11 हजार करोड़ रुपये की है। काशी में इस योजना पर 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह आर्थिक विकास का केंद्र बनेगी। इससे बनारस समेत समूचे पूर्वांचल में विकास होगा।
अपने 45 मिनट के भाषण में पीएम का फोकस देश के आर्थिक विकास के नए मॉडल पर रहा। बोले, आर्थिक विकास की गाड़ी प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर की पटरियों पर ही आगे नहीं बढ़ सकती है। ‘पर्सनल सेक्टर’ को गति देनी होगी, जो बहुत बड़ी अमानत है। छह से सात करोड़ ऐसे लोग हैं, जो छोटा कारोबार चलाते हैं और 15 करोड़ लोगों को रोजगार इनसे चलता है। अगर इस पर्सनल सेक्टर को ताकत दी जाए तो वे 30 करोड़ लोगों को रोजगार दे सकते हैं। सरकार इस सेक्टर को मजबूत करने के लिए मुद्रा बैंक से बिना गारंटी कर्ज देगी। इनको अर्थ व्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए पैसा, तकनीक और कौशल प्रशिक्षण सब मुहैया कराएगी।
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नौ महीने बाद अपने संसदीय क्षेत्र आए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब काशी आता था तब तारों का जाल देखकर चौंक जाता। इससे शहर की शोभा खराब होती है। आईपीडीएस के 572 करोड़ रुपये से शहर की बिजली व्यवस्था में आमूल परिवर्तन होगा। हेरिटेज जोन के तार भूमिगत होंगे। यह योजना काशी में नई ऊर्जा भर देगी। बिजली का पूरा ढांचा आधुनिक और स्मार्ट बनेगा, चोरी रुकेगी, हर घर रोशन होगा। उन्होंने वर्ष 2022 तक देश के हरेक घर तक 24 घंटे बिजली पहुंचाने का वादा किया। रिंग रोड परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बनारस और उससे सटे जिलों में सड़कों की हालत खराब है। रिंग रोड के साथ ही पड़ोस के जिलों की सड़कों को भी सुधारेंगे। शहर को छेड़े बिना बाहरी रिंग रोड बनाई जा रही है। यह पूरी योजना 11 हजार करोड़ रुपये की है। काशी में इस योजना पर 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह आर्थिक विकास का केंद्र बनेगी। इससे बनारस समेत समूचे पूर्वांचल में विकास होगा।
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अपने 45 मिनट के भाषण में पीएम का फोकस देश के आर्थिक विकास के नए मॉडल पर रहा। बोले, आर्थिक विकास की गाड़ी प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर की पटरियों पर ही आगे नहीं बढ़ सकती है। ‘पर्सनल सेक्टर’ को गति देनी होगी, जो बहुत बड़ी अमानत है। छह से सात करोड़ ऐसे लोग हैं, जो छोटा कारोबार चलाते हैं और 15 करोड़ लोगों को रोजगार इनसे चलता है। अगर इस पर्सनल सेक्टर को ताकत दी जाए तो वे 30 करोड़ लोगों को रोजगार दे सकते हैं। सरकार इस सेक्टर को मजबूत करने के लिए मुद्रा बैंक से बिना गारंटी कर्ज देगी। इनको अर्थ व्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए पैसा, तकनीक और कौशल प्रशिक्षण सब मुहैया कराएगी।
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